LHC0088 • Yesterday 22:26 • views 464
सिद्धा पहाड़ में जांच करने पहुंची राजस्व खनिज विभाग की संयुक्त टीम। (सौजन्य- जिला प्रशासन)
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। विंध्य क्षेत्र में भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट से सटे सरभंगा स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व वाले सिद्धा पहाड़ पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। दैनिक जागरण समूह के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
650 टन अवैध खनिज निकासी की पुष्टि
जांच के दौरान खनिज निरीक्षक राकेश देशमुख और राजस्व निरीक्षक रामकुमार रावत को अवैध खनन के पुख्ता साक्ष्य मिले। प्रारंभिक आकलन में करीब 650 टन (478 घन मीटर) खनिज के अवैध रूप से निकाले जाने की पुष्टि हुई है।
ई-टीपी के दुरुपयोग से बाजार में खपाने का शक
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध रूप से निकाले गए खनिज को वैध खदानों के ई-टीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) का दुरुपयोग कर बाजार में खपाया गया। इस गंभीर बिंदु पर प्रशासन ने अलग से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही पूरा प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- शहडोल के शासकीय स्कूल में \“पतली कमरिया\“ की धुन पर छात्राओं संग शिक्षिका ने लगाए ठुमके, बनाई रील, Video वायरल
गोपनीय निगरानी बढ़ाने के निर्देश
प्रशासन ने सिद्धा पहाड़ क्षेत्र में गोपनीय निगरानी बढ़ाने और खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धार्मिक महत्व के कारण खनन पर पूर्ण प्रतिबंध
पौराणिक आख्यान के अनुसार सिद्धा पहाड़ का निर्माण राक्षसों द्वारा ऋषि-मुनियों की हड्डियों से किया गया था। सरभंग मुनि के आश्रम पहुंचने के बाद भगवान श्रीराम ने राक्षसों का संहार किया। इसी कारण यह क्षेत्र अत्यंत पवित्र और पौराणिक महत्व रखता है, जहां खनन पूर्णतः प्रतिबंधित है।
इसके बावजूद सीमेंट उद्योग के लिए उपयोगी बॉक्साइट और लेटेराइट की उपलब्धता के चलते खनन माफिया यहां सक्रिय हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह देखना होगा कि दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई होती है। |
|