हर NIT और IISER में होंगे रिसर्च पार्क (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश को आत्मनिर्भर और 2047 तक विकसित बनाने के लिए लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान(आइआइएसईआर) को लेकर मंगलवार को कई बड़े फैसले लिए गए है।
जिसमें ऐसे सभी एनआइआटी को आइआइएसईआर जल्द ही रिसर्च पार्क और इनक्यूबेशन सेंटर से लैस करने का फैसला लिया है, जिनमें अब तक यह नहीं है। इस दौरान 13 एनआइटी में इनक्यूबेशन सेंटर और 10 एनआइटी में तुरंत रिसर्च पार्क बनाने का फैसला लिया गया है।
इसके साथ ही दोनों शीर्ष संस्थानों ने अपने पीएचडी प्रोग्रामों में 360 डिग्री का बदलाव करते हुए उन्हें उद्योगों की मांग व समस्या आधारित रखने का फैसला लिया है। एनआइटी और आइआइएसईआर की 13 वीं काउंसिल की बैठक में दोनों ही शीर्ष तकनीकी व शोध संस्थानों में सुधार को लेकर यह निर्णय लिया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अगुवाई में बुलाई गई शीर्ष बैठक में इन सभी संस्थानों के प्रमुखों ने भी हिस्सा लिया था। बैठक में इनके पाठ्यक्रमों को एआइ, सेमीकंडक्टर जैसे उन उभरती तकनीकों के साथ जोड़ने का भी फैसला लिया है ताकि 21 वीं सदी में आत्मनिर्भर भारत और 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।
काउंसिल ने इस दौरान विशेष एमटेक व पीजी प्रोग्रामों को शुरू करने पर अपनी मुहर लगाई। साथ ही संस्थानों में सिर्फ एकेडमिक प्रोफाइल बढ़ाने के लिए होने वाले पीएचडी प्रोग्राम को तुरंत बंद करने और उद्योगों की मांग आधारित और समस्या आधारित पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने का भी निर्णय है। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने बताया कि काउंसिल में लिए गए फैसलों पर तुरंत काम शुरू हो जाएगा। साथ ही बदलाव भी अगले शैक्षणिक सत्र से दिखने लगेंगे।
काउंसिल ने लिए ये बड़े निर्णय
परिषद ने नौकरी चाहने वालों को नौकरी देने वाला बनाने के लिए सभी संस्थानों को मजबूत इनोवेशन और रोजगार इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया। सभी एनआइआटी और आइआइएसईआर अपनी भरोसेमंद गुणवत्ता के लिए अनिवार्य रूप से नैक ( राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की रैंकिंग में हिस्सा लेंगे।
सभी आइआइएसईआर में सेक्शन आठ के तहत एक कंपनी गठित होगी। जो रोजगार सृजन का काम करेगी। - इनक्यूबेटेड स्टार्टअप के लिए एनआइटी में जुलाई 2026 में निवेशकों और उद्योगों की भागीदारी से एक पिंचिंग कान्क्लेव आयोजित होगा। अपने कोर्सों व शोध को मांग के आधार पर भारतीय भाषा में शुरू करेंगे।
सातों आइआइएसइआर को दिए गए नए लक्ष्य भी
काउंसिल ने आइआइएसईआर पुणे को एडवांस कंप्यूटरिंग, आइआइएसईआर कोलकाता को बायोटेक्नालाजी, आइआइसीईआर मोहाली को हेल्थकेयरव मेडटेक, आइआइसीईआर भोपाल को एडवांस मैटेरियल, आइआइसीईआर त्रिरुवंतपुरम को एनर्जी, सतत विकास और क्लाइमेंट चेंज, आइआइएसईआर त्रिरुपति को एग्री व फूड टेक्नालाजी व आइआइएसईआर बेरहमपुर को रेयर अर्थ व क्रिटिकल मिनिरल जैसे क्षेत्रों में फोकस होकर काम करने का जिम्मा सौंपा गया है। |
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