प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। एसआइआर के अंतर्गत बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस निर्गत करने की प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलक्ट्रेट सभागार बहजोई में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों के एसआइआर से जुड़ी पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि गणना प्रपत्र में जिन मतदाताओं ने वर्ष 2003 का विवरण स्वयं भरा है, वे मार्क्ड ऐज सेल्फ श्रेणी में, जिन मतदाताओं ने पिता, माता, दादा या दादी का वर्ष 2003 का विवरण भरा है वे मार्क्ड ऐज प्रोजेनी श्रेणी में और जिन मतदाताओं ने स्वयं या अपने किसी संबंधी का वर्ष 2003 का विवरण नहीं भरा है वे नो मैपिंग श्रेणी में रखे जाएंगे तथा केवल नो मैपिंग श्रेणी वाले मतदाताओं को ही नोटिस निर्गत किए जाएंगे।
सभी नोटिस भारत निर्वाचन आयोग नेट पर संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के लागिन से जनरेट किए जाएंगे और इनका प्रिन्ट निकालकर बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से मतदाताओं को तामील कराया जाएगा, जबकि नोटिस की पावती पर मतदाता या प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर और फोटो लेकर उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा और पावती को छोड़कर नोटिस का शेष भाग मतदाता को सौंपा जाएगा।
यह भी बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग नेट पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सभी सहायक और अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के लिए बूथ आवंटन कर लागिन बनाए जा चुके हैं और यूजर आइडी व पासवर्ड अपने-अपने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से प्राप्त करने होंगे।
नो मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को जन्म तिथि और जन्म स्थान के सत्यापन के लिए अलग-अलग स्थितियों में अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे, जिसमें एक जुलाई 1987 से पूर्व जन्म, एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्म और दो दिसंबर 2004 के बाद जन्म की स्थिति में स्वयं, पिता और माता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं, जबकि विदेश में जन्म, नागरिकता पंजीकरण या अभिभावक के भारतीय न होने की स्थिति में वैध पासपोर्ट, वीजा और नागरिकता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
दस्तावेजों की सूची में पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या गृह आवंटन प्रमाणपत्र, आधार से संबंधित निर्देश और बिहार के एसआइआर की निर्वाचक नामावली का अंश शामिल है। नोटिसों पर सुनवाई के लिए तहसील कार्यालय, ब्लाक कार्यालय, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी कार्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जो नागरिक एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं या कर चुके हैं और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्यत निवास कर रहे हैं, वे छह जनवरी 2026 से छह फरवरी 2026 के मध्य फार्म 6 और फार्म आर के माध्यम से दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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