कमजोर राजस्व पर सख्ती, 23 जिलों के खनिज विकास अधिकारियों को नोटिस
राज्य ब्यूरो, पटना। खान एवं भू-तत्व विभाग ने राजस्व संग्रह में असंतोषजनक प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए 23 जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। मंगलवार को खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक में समीक्षा के बाद अधिकारियों को नोटिस दिया गया।
बैठक में जिलावार राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। जिसमें पाया गया 23 जिलों का प्रदर्शन बेहद निराशा जनक है जिसके बाद इन्हें नोटिस दिया गया। इसके अलावा रोहतास, पटना, औरंगाबाद, लखीसराय, जमुई, वैशाली एवं पूर्णिया जिलों के एमडीओ के विरुद्ध प्रपत्र \“क\“ गठित करने का निर्देश दिया गया।
एक सप्ताह की अवधि में शून्य राजस्व संग्रह वाले मधुबनी और गोपालगंज जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित खान निरीक्षकों से भी अनिवार्य रूप से स्पष्टीकरण प्राप्त करने को कहा गया है।
बैठक में अनिलामित बालू घाटों की शीघ्र नीलामी तथा जनवरी माह के अंत तक सभी सरेंडर बालू घाटों की बंदोबस्ती पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जब्त वाहनों के अधिहरण एवं नीलामी, तथा जब्त बालू और पत्थर की नियमानुसार त्वरित नीलामी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि राजस्व क्षति की भरपाई हो सके।
इसके अलावा लाइसेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्राप्त सभी आवेदनों का 16 जनवरी तक निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान न्यायालय में लंबित वादों के संबंध में समयबद्ध और विधिसम्मत प्रतिवेदन दायर करने पर भी बल दिया गया। निदेशक मीणा ने स्पष्ट किया कि लापरवाही या लक्ष्य प्राप्ति में विफलता की स्थिति में उत्तरदायित्व तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वरीय पदाधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। |