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जागरण संवाददाता, लखनऊ। महिलाओं के साथ मिलकर 1.92 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले जालसाजों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। आरोपित महिलाओं के साथ मिलकर सेवानिवृत्त व व्यापारियों को फंसाता था। निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपित फर्जी पहचान पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम ट्रांसफर करता था।
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश कुमार यादव के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित गुडंबा मिश्रपुर डिपो निवासी इमरान गाजी है। इमरान गाजी ने पूछताछ में बताया कि एक्सिस बैंक में उसका खाता था। वह ठगी के मामले में फ्रीज कर दिया गया। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाया।
इसके आधार पर शहजाद नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया। उसके कहने पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई बैंकों में खाते खुलवाए। जिसका प्रयोग साइबर ठगी के लिए कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इमरान के खाते में इस मामले से जुड़ी 54 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हुई थी। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, मात्र एक महीने के भीतर 1 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपित गिरोह बनाकर ठगी करता है।
वह इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी पहचान पत्र से खाता बनाता था। इसके बाद लोगों से संपर्क करता था। लोगों को निवेश करने पर मोटे मुनाफे का लालच देता। इसके बाद फर्जी आधार व पैन कार्ड पर खुलवाए गए खातों में रकम मंगाता था। अपना कमीशन निकालकर बाकी रकम गिरोह के मास्टरमाइंड के कहने पर अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। आरोपित के पास से फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह था मामला
बीती दो जून 2025 को विजयंतखंड-4 निवासी शलभ पाण्डेय ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि एक महिला, जिसने अपना नाम “भाविका शेट्टी” बताया, ने वाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर दोस्ती की। बाद में चैटिंग और काल के जरिए निवेश में अधिक लाभ दिलाने का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है, ऐसी कॉल से न डरें। ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर मिलने वाले लुभावने ऑफर से सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। |
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