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एएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम की जांच के बाद पुलिस ने दबिश देकर की गिरफ्तारी
सात दिसंबर को ठठिया के करसाह में लालच देकर 200 लोगों के मतांतरण का हुआ था राजफाश
जागरण संवाददाता, कन्नौज। ठठिया के करसाह गांव में अवैध चर्च में प्रलोभन देकर गरीबों का मतांतरण कराए जाने की पुष्टि एसआईटी की जांच में हुई। इसके बाद पुलिस ने कथित पादरी, उसके भाई समेत तीन को गिरफ्तार किया है।
वहीं, मतांतरण से जुड़े तीन अन्य ग्रामीणों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। पुलिस ने 42 दिन पहले पकड़े गए इन्हीं आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की थी, लेकिन लेकिन साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने सभी की न्यायिक रिमांड खारिज कर दी थी।
इसके बाद एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद अब अवैध चर्च में मतांतरण के तार कानपुर देहात के अकबरपुर के बाढ़ापुर स्थित नवाकांति सोसाइटी से जुड़े पाए गए। इससे पुलिस अब तीनों को फिर से न्यायालय में पेश करेगी।
पुलिस ने सात दिसंबर 2025 को ठठिया थाना के करसाह में बगैर अनुमति बने चर्च में मतांतरण कराकर प्रार्थना कर रहे पन्नालाल, उसके भाई विद्यासागर और उमाशंकर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच में इटावा के अजब सिंह को आरोपित पाया गया था।
पुलिस की ओर से पर्याप्त साक्ष्य न पेश न करने पर न्यायालय ने सभी की न्यायिक रिमांड खारिज कर दी थी। एसपी विनोद कुमार ने एएसपी अजय कुमार, तिर्वा सीओ कुलवीर, ठठिया थाना प्रभारी देवेश कुमार के साथ ही दो उप निरीक्षकों को शामिल कर एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की थी।
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि कथित पादरी पन्नालाल ने रुपयों का लालच देकर करीब 200 लोगों का मतांतरण कराया है। कानपुर का अधिवक्ता और झांसी का डेविड मतांतरण के एवज में पन्नालाल, उमाशंकर और विद्यासागर के अलावा तीन अन्य लोगों के बैंक खातों में प्रतिमाह रुपये भेजता था।
इसी नकदी से हर रविवार को अवैध चर्च में प्रार्थना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को 200 रुपये दिए जाते थे। सभी आरोपितों के कानपुर देहात से कनेक्शन होने की बात सामने आई है।
एएसपी अजय कुमार ने बताया कि पन्नालाल, उमाशंकर, विद्यासागर के अलावा ठठिया क्षेत्र के तीन अन्य लोगों के नाम मतांतरण कराने में प्रकाश में आए हैं। अब बाकी तीन लोगों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। मतांतरण में आरोपित अजब सिंह की गिरफ्तारी इटावा पुलिस करेगी।
जांच में सामने आया है कि आरोपित ग्रामीणों को पहले रुपयों का लालच देकर प्रार्थना सभा में शामिल कराते हैं। इसके बाद अवैध चर्च में स्नान कराकर उनके सारे पाप धुल जाने का झांसा देकर ईसाई मत स्वीकार करने की बात कहते थे। मतांतरण कर चुके लोग अन्य व्यक्तियों को भी गुमराह करके मतांतरण के लिए उकसाते थे।
वहीं, तिर्वा सीओ कुलवीर का कहना है कि एसआईटी ने जांच कर पन्नालाल, उसके भाई विद्यासागर और पड़ोसी उमाशंकर के अलावा तीन अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य एकत्र किए हैं। तीन अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्त में आए आरोपितों को अब दोबारा रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बैंक खातों की डिटेल, ग्रामीणों के बयान से लेकर जुटाए 40 साक्ष्य
मतांतरण के आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके, इसके लिए एसआईटी ने आरोपितों के बैंक खातों की डिटेल को खंगाला है। इसमें झांसी के डेविड समेत कई लोगों के खातों से पन्नालाल, उमाशंकर, विद्यासागर समेत अन्य लोगों को प्रतिमाह रुपये भेजे गए हैं।
इसके अलावा अवैध चर्च में मिले अंगूर के रस में प्रिंट था ‘सिर्फ चर्च में उपयोग के लिए’। बीमार लोगों को गर्म अंगूर का रस पिलाकर आराम होने से इसे यह लोग दुआ बताते थे।
एसआईटी ने चर्च और आरोपितों के घरों से बाइबिल, पंपलेट, कार्टून बने बच्चों को लुभाने के लिए पुस्तकें, चर्च में आए चंदा, हाजिरी, प्रलोभन लेकर मतांतरण कर चुके ग्रामीणों के बयानों के अलावा करीब 40 साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की है। |
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