search

कपसाड़ मामले में नया मोड़, रूबी परिवार के सिपुर्द, सुनील को पुलि‍स ने छोड़ा, पारस को स्‍वजन बता रहे नाबालिग और...

LHC0088 7 hour(s) ago views 762
  

रूबी और पारस का फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, मेरठ। कपसाड़ प्रकरण में रूबी की आशा ज्योति केंद्र में मनोचिकित्सक के द्वारा काउसंलिंग कराई गईं। उसने परिवार के संग जाना स्वीकार किया। तब सीओ सरधना और सीओ सिविल लाइन की मौजूदगी में युवती को स्वजन के सिपुर्द कर दिया।

परिवार ने लिखित में युवती की सुरक्षा का जिम्मा लिया है। साथ ही नामजद आरोपित सुनील सोम को क्लीनचिट देकर थाने से छोड़ दिया गया। मुख्य आरोपित पारस सोम का परिवार उसे नाबालिग बता रहा है।

मंगलवार को किशोर न्यायालय में उसके नाबालिग होने के प्रमाण पेश कर अर्जी लगाई जाएगी। ताकि जिला जेल से उसे बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया जाए।

गुरुवार की सुबह मां और दो सहेलियों के संग खेत जाते समय कपसाड़ निवासी रूबी को गांव के ही पारस सोम ने अगवा कर लिया था। भाई नरसी कुमार की तरफ से पारस सोम और सुनील सोम पर मां की हत्या और बहन के अपहरण का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सुनील सोम को पांच दिन पुलिस हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया।

पुलिस की जांच में अपहरण और हत्याकांड में सुनील सोम के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इसलिए सुनील सोम को क्लीनचिट दे दी गई हैं। आरोपित पारस सोम के साथ बरामद की गई रूबी की आशा ज्योति केंद्र में करीब तीन घंटे मनोचिकित्सक द्वारा काउंसलिंग कराई गईं।

मनोचिकित्सक ने रूबी से पारस की मुलाकात से लेकर अपहरण की पूरी कहानी सुनी। इस पूरे प्रकरण से उभरने के लिए उसकी काउंसलिंग की। काउंसलिंग के बाद ही रूबी ने स्वजन के संग जाने की बात कही।

सोमवार शाम देर शाम छह बजे सीओ आशुतोष कुमार और सीओ अभिषेक तिवारी दाेनों ही मेडिकल कालेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर पहुंचे। वहां से लिखित आदेश पर रूबी को उसके भाई नरसी जाटव के सिपुर्द कर दिया। नरसी ने लिखित में दिया कि रूबी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी होगी। परिवार के लोग देर शाम कार में रूबी को लेकर कपसाड़ चले गए।

उधर, पारस सोम के स्वजन का कहना है कि हाईस्कूल की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 11 मई 2008 हैं, ऐसे में पारस सोम की उम्र 17 साल नौ माह बन रही है। इसी के चलते मंगलवार को किशोर न्यायालय में अर्जी लगाई जाएगी।

ताकि पारस सोम को जिला कारागार में बड़े बंदियों के साथ न रखा जाए। उसे बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया जाए। विवेचक सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि अभी तक पारस सोम के स्वजन की तरफ से उसके नाबालिग होने के कोई प्रमाण पुलिस को नहीं दिए गए है। प्रमाण मिलने पर विवेचना में उन्हें शामिल कर लिया जाएगा।
इन्‍हाेंने कहा

रूबी की काउंसलिंग कराने के बाद परिवार के सिपुर्द कर दिया गया। नामजद आरोपित सुनील सोम के खिलाफ अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिले, इसलिए उसे भी परिवार को सौंप दिया। मुकदमे की विवेचना में पूरी तरह पारदर्शि‍ता बरती जा रही है। युवती के घर पर सीसीटीवी कैमरे भी लग चुके है। वहां पर आने जाने वालों को पूरा रिकार्ड रखा जाएगा।
डा. विपिन ताडा, एसएसपी
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
149228

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com