जागरण संवाददाता, लखनऊ। मोहनलालगंज के मेमौरा वायुसेना स्टेशन पर बिजली की आवाजाही कोई अभी की समस्या नहीं है। यह समस्या लंबे समय से चली आ रही थी। इसकी शिकायत वायुसेना के अधिकारी लिखित व मौखिक रूप से कर चुके थे।
हर बार बिजली की आवाजाही दूर कर दी जाती लेकिन स्थायी समाधान बिजली विभाग नहीं कर रहा था। कारण था मानक के अनुरूप भूमिगत केबल का काम न होना। वर्ष 2023 से मामला चल रहा था। मई 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच समस्या ज्यादा रही।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल को वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने अवगत कराया। मामले की जांच के लिए तीन दिन पहले मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक तकनीकी हरीश बंसल और अमौसी जोन के मुख्य अभियंता महफूज आलम अपनी टीम के साथ पहुंचे और पूरे मामले की जांच की।
जांच रिपोर्ट बनाकर मध्यांचल की एमडी रिया केजरीवाल को भेजा गया और इन सब के पीछे काम करने अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार, सहायक अभियंता श्यामवीर सिंह, अवर अभियंता शाश्वत भूषण को दोषी पाते हुए 11 जनवरी यानी रविवार के दिन ही निलंबित कर दिया गया है।
मध्यांचल अधिकारियों के मुताबिक निलंबित अधिकारियों के स्थान पर एक से दो दिन में तैनाती कर दी जाएगी। वहीं मेमौरा वायुसेना स्टेशन पर बिजली से जुड़ी जो समस्या है, उसका स्थायी समाधान का काम भी शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में ऐसे संवेदनशील स्थानों को बिजली की समस्या से रूबरू न होना पड़े, इसके लिए व्यवस्था कर दी गई है। वहीं प्रबंधन ने तीन निलंबन करके संदेश देने का प्रयास किया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। |