LHC0088 • Yesterday 19:26 • views 782
अशोक कुमार यादव, जिनकी मौत हुई। इसी बाइक से जमुई अदालत से घर लौटरहे थे अशोक
संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई-सिकंदरा मार्ग पर चौडीहा गांव के समीप सोमवार की शाम लगभग 4:30 के करीब बेखौफ बदमाशों ने बाइक सवार एक अधेड़ की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने अशोक के मुंह और सिर में तीन-चार गोली मारकर छलनी कर दिया है। हत्या की इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान लछुआड़ थाना क्षेत्र के गौहरनगर निवासी मिश्री यादव के पुत्र अशोक यादव (60) के रूप में हुई है।
- मुंह और सिर को किया छलनी
- जमुई- सिकंदरा मार्ग पर चौडीहा गांव के समीप हुई घटना
- घटनास्थल से खोखा बरामद
- तीन साल पूर्व मृतक अशोक के पुत्र विकास की भी हुई थी हत्या
पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा और एक मैग्जीन बरामद किया है। बताया जाता है साल 2022 में जमीन विवाद में मृतक अशोक के पुत्र विकास की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उक्त मामले में चार लोगों को नामजद किया गया था जिसमें जेल में बंद है और एक जमानत पर बाहर है, जबकि दो अब भी फरार चल रहा है।
जमुई न्यायालय में मामले का ट्रायल चल रहा था। सोमवार को अशोक ट्रायल को लेकर ही न्यायालय आया था। शाम में वह बाइक से घर लौट रहा था तभी अपराधियों ने चौहीडा के समीप उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक के हेलमेट में भी छेद था। जिससे यह प्रतीत होता है कि अपराधियों ने उसे नजदीक से गोली मारी है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि पुत्र की हत्या में आरोपित लोगों ने ही अशोक की भी हत्या की है। इधर, घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
तीन साल बाद अपराधियों ने कर दी पिता की हत्या
वर्षों पुरानी जमीन विवाद की आग ने एक बार फिर खून बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। सोमवार शाम अपराधियों ने गौहरनगर निवासी अशोक यादव उर्फ आशो यादव की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। घटना सिकंदरा-जमुई मुख्य मार्ग पर चौडीहा गांव के समीप हुई, जहां 85 डिसमिल विवादित जमीन ही इस हत्याकांड का मुख्य कारण बनी। मृतक अशोक यादव और गौहरनगर के कामेश्वर पासवान के बीच लंबे समय से 85 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक अशोक के स्वजन केअनुसार, इस जमीन की बंदोबस्ती 1939 में ही उनके पिता के नाम दर्ज हो चुकी थी। कोर्ट ने भी उनके पक्ष में फैसला दिया था। लेकिन, हार की रंजिश में कामेश्वर पासवान और उसके पुत्रों ने तीन साल पहले खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
85 डिसमिल जमीन की रंजिश में पुत्र की हत्या के
इस घटना में तीन मई 2022 को विवादित जमीन पर लगे आम के पेड़ से फल तोड़ने गए अशोक के 30 वर्षीय बड़े पुत्र विकास यादव को कामेश्वर पासवान व उसके पुत्रों ने गोली मार दी। 12 दिनों तक पटना के अस्पताल में चले इलाज के दौरान 15 मई 2022 को विकास की मौत हो गई। इस घटना के बाद अशोक ने सिकंदरा थाने में कामेश्वर पासवान, उसके पुत्र अमित कुमार, अजीत पासवान, कौशल कुमार समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था।
लगातार भय में जी रहा था अशोक
अशोक को हमेशा अपराधियों से जान का खतरा महसूस होता था। उसने सिकंदरा थाने में पूर्व में ही जानमाल की सुरक्षा के लिए आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी। सोमवार की यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा हत्यारों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद के कारण इलाके में तनाव व्याप्त है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस रंजिश को रोक पाएगा, या फिर और खूनखराबा होगा?
अज्ञात लोगों द्वारा हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। मृतक के पुत्र से शुरुआती पूछताछ में कुछ सुराग मिले हैं। मौके पर साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। पुलिस प्रत्येक बिंदू पर बारीकी से जांच कर रही है। मृतक को कितनी गोली मारी गई है, इसका पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा। जल्द ही घटना में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी होगी।
-
सतीश सुमन, एसडीपीओ, जमुई। |
|