सोच-समझकर कर डाउनलोड करें व्हाट्सएप पर भेजे गए निमंत्रण कार्ड।
संवाद सूत्र, सुलतानपुर। अगर सतर्क रहेंगे तो साइबर अपराधियों से सुरक्षित रहेंगे। इसलिए इंटरनेट मीडिया जैसे वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स आदि के माध्यम से ऐसी कोई फाइल आती है, जिसके अंत में डाट एपीके लगा हो, उसे भूलकर न खोलें। ऐसी फाइलें फोन को हैक कर लेती हैं।
पिछले वर्ष ऐसे ही समाजवादी पार्टी विधानसभा क्षेत्र लंभुआ नाम से एक वाट्सएप ग्रुप पर भेजे गए डिजिटल कार्ड को डाउनलोड करने से कई लोगों के मोबाइल हैक हो गए थे। शादी-विवाद जल्द ही शुरू होने वाले हैं। ऐसे में हैकर निमंत्रण के कार्ड के बहाने लोगों को निशाना बना सकते हैं।
समाजवादी पार्टी विधानसभा क्षेत्र लंभुआ नाम से वाट्सएप ग्रुप पर जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर ने शादी का एक डिजिटल कार्ड भेजा था। ग्रुप से जुड़े सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इसे निमंत्रण समझ कार्ड को डाउनलोड करना शुरू कर दिया था। कार्ड ओपन करते ही कोतवाली देहात के केनारा ग्राम प्रधान मनीष यादव के खाते से तीन बार में 74 हजार रुपये कटे।
बीसापुर के हरिकेश यादव 56 हजार, लवनीत शर्मा 90 हजार और हरिहरपुर के नवनीत यादव के खाते से करीब एक लाख रुपये कट चुके थे। 25 अगस्त को गोसाईंगंज थाने में तैनात सिपाही विकास सिंह से शादी का निमंत्रण कार्ड भेजकर 91 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गई थी।
इन बातों का रखें ध्यान
आपके फोन पर काल फारवर्डिंग आन है तो आपके काल और ओटीपी किसी और तक पहुंच सकते हैं। चेक करने के लिए अपने फोन से *21# डायल करें। अगर कोई नंबर दिखाई दे, तो तुरंत ##002# डायल करें और काल फारवर्डिंग बंद कर दें।
शादी-विवाह का समय जल्द शुरू होने वाला है। ऐसे में निमंत्रण कार्ड के बहाने साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना सकते हैं। वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स आदि के माध्यम से ऐसी कोई फाइल आती है, जिसके अंत में डाट एपीके लगा हो, उसे भूलकर न खोलें। ऐसी फाइलें फोन को हैक कर लेती हैं। हैक के बाद जितने भी ग्रुप होंगे, सभी में हैकर ये फाइलें शेयर कर उसे ओपन करने का आग्रह करेंगे। यह शादी के कार्ड WEDDING INVITATION CARD.apk आदि रूप में होंगे। -आलोक कुमार सिंह, साइबर थाना प्रभारी व विषय विशेषज्ञ।
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
- अनजाने में किसी भी लिंक को क्लिक न करें।
- एप्स सिर्फ प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें।
- नियमित रूप से फोन के साफ्टवेयर व एप अपडेट करते रहें।
- साइबर फ्राड की स्थिति में टोल फ्री नंबर 1930 पर तुरंत काल करें।
- फोन हैक होने पर यूपीआइ व नेट बैंकिंग जैसी गतिविधियां रोक दें।
- हैक फोन को तत्काल मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर पर ले जाएं।
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