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पूजा के दौरान क्यों रोते हैं आप? (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर ऐसा होता है कि जब हम ईश्वर की भक्ति में लीन होते हैं या मंदिर में बैठकर प्रार्थना करते हैं, तो हमारी आंखों से आंसू बहने लगते हैं। बहुत से लोग इसे कमजोरी या दुख का संकेत मानते हैं, लेकिन ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, पूजा के दौरान आंखों में आंसू आना एक बहुत ही गहरा और शुभ संकेत माना जाता है।
अगर अगली बार पूजा करते समय आपकी आंखों में आंसू आए, तो उन्हें पोंछने की जल्दी न करें और न ही घबराएं। यह आपकी सच्ची भक्ति का सम्मान है। यह दर्शाता है कि आप ईश्वर के उस प्रेम को महसूस कर पा रहे हैं, जिसे पाना हर किसी के बस में नहीं होता।
आइए जानते हैं शास्त्रों के अनुसार इसके पीछे छिपे मुख्य कारण क्या हैं-
1. आत्मा का ईश्वर से मिलन
शास्त्रों में कहा गया है कि जब पूजा करते समय मन पूरी तरह एकाग्र (Concentrate) हो जाता है और भक्त का हृदय शुद्ध भाव से भर जाता है, तब आत्मा का सीधा संपर्क परमात्मा से होने लगता है। इस दिव्य मिलन के दौरान आंखों से निकलने वाले आंसू इस बात का प्रतीक हैं कि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो रही है और आप ईश्वर के करीब महसूस कर रहे हैं।
2. हृदय की शुद्धि (Cleansing of Heart)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आंसू केवल दुख के नहीं होते, बल्कि वे मन की सफाई का भी जरिया हैं। पूजा के समय आंखों में आंसू आने का मतलब है कि आपके मन के भीतर के विकार, नकारात्मक विचार और पुराने पाप धुल रहे हैं। यह एक संकेत है कि आपका अंतर्मन पवित्र हो रहा है और आप भक्ति के उच्च स्तर पर पहुंच रहे हैं।
3. भावुकता और अनन्य भक्ति
शास्त्रों में \“अश्रु\“ (आंसू) को भक्ति का एक महत्वपूर्ण अंग माना गया है। जब कोई भक्त ईश्वर की दया या उनकी महिमा को महसूस करता है, तो शब्द कम पड़ जाते हैं और शरीर आँसुओं के माध्यम से अपनी कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करता है। इसे शास्त्रों में \“भाव-विभोर\“ होना कहा गया है, जो केवल सच्ची श्रद्धा रखने वालों के साथ ही होता है।
(Image Source: AI Generated)
4. दुखों का अंत और सकारात्मक ऊर्जा
माना जाता है कि अगर पूजा के समय आपकी आंखे भर जाती हैं तो ईश्वर आपको संकेत दे रहे हैं कि आपके जीवन की परेशानियां जल्द ही खत्म होने वाली हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है और आपकी प्रार्थनाओं में इतनी शक्ति है कि वे आपके भाग्य को बदल सकें।
5. पूर्वजन्म के संस्कारों का उदय
कभी-कभी हम किसी देवता या मंत्र के प्रति बहुत ज्यादा खिंचाव महसूस करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह हमारे पूर्वजन्म की अधूरी साधना का प्रभाव हो सकता है। पूजा के दौरान निकलने वाले आंसू उस गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाते हैं जो सदियों से आपकी आत्मा के साथ रहा है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
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