जीरोमाइल में बनेगा नया थाना। जागरण
दीपक, आरा। भोजपुर जिले में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने तथा विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और नए थाना के सृजन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नवादा थाना और उदवंतनगर थाना क्षेत्र के कुछ गांवों एवं मोहल्लों को मिलाकर जीरो माइल के समीप नया थाना स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
इस संबंध में जल्द ही पुलिस मुख्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित अंचल कार्यालय से पंचायत एवं मौजा का विस्तृत विवरण मांगा गया है।
इन दस्तावेजों के आधार पर नए थाना क्षेत्र की परिसीमन (सीमा निर्धारण) प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि परिसीमन स्पष्ट होने के बाद थाना सृजन की प्रक्रिया में तेजी आएगी ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नवादा और उदवंतनगर थाना क्षेत्र काफी विस्तृत है, जिससे कई बार समय पर पुलिस कार्रवाई में दिक्कतें आती हैं।
नए थाना के सृजन से क्षेत्र का बोझ कम होगा और पुलिस की पहुंच संवेदनशील इलाकों तक तेजी से सुनिश्चित हो सकेगी। खासकर जीरोमाइल के आसपास तेजी से बढ़ती आबादी, यातायात दबाव और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए यहां थाना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
पूर्व में आठ ओपी थाने में किए गए थे अपग्रेड
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई ओपी को अपग्रेड कर थाना का दर्जा दिया जा चुका है।
धोबहां, करनामेपुर, बहोरनुपुर, कृष्णागढ़, खवासपुर, सिन्हा, बबुरा एवं गीधा ओपी को पूर्व में थाना के रूप में उन्नत किया गया था।
इन थानों के सृजन के बाद संबंधित क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और पुलिस निगरानी में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
शहर में आबादी और वार्ड बढ़े पर नहीं बढ़ी थानाें की संख्या
अगर कानून-व्यवस्था की बात करें तो आरा शहर में समय के साथ आबादी और वार्डों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन थानों की संख्या आज तक नहीं बढ़ सकी है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2007 में आरा शहर में कुल 35 वार्ड थे, जो वर्तमान में बढ़कर 45 हो चुके हैं। यानी लगभग दस नए वार्ड सृजित हुए हैं।
इसी तरह वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी करीब तीन लाख थी, जबकि वर्तमान में यह बढ़कर छह लाख के आसपास या उससे कहीं अधिक हो चुकी है।
इसके अलावा शहर में मॉल, बड़े प्रतिष्ठानों और शोरूमों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है।लेकिन विडंबना यह है कि आबादी, क्षेत्रफल और व्यावसायिक गतिविधियों में भारी इजाफा होने के बावजूद आज भी पूरे शहर की सुरक्षा का दारोमदार महज दो थानों टाउन व नवादा थाना पर ही है। |