रोहतक में 13 जनवरी को मनेगी लोहड़ी, अग्नि को अर्पित होगी नई फसल।
जागरण संवाददाता, रोहतक। लोहड़ी पर्व को लेकर लोगों ने मूंगफली, गच्चक, रेवड़ियां, चिड़वडे, बिस्कुट की खरीदारी शुरू कर दी है। इस बार मंगलवार को धूमधाम से लोहड़ी मनाई जाएगी। इस दिन भद्रा का साया रहेगा। लोहड़ी की अग्नि के चारों ओर चक्कर लगाकर तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाकर लोग सुखी जीवन और सरबत के भले की कामना करेंगे।
लोहड़ी फसल की बुवाई और कटाई से जुड़ा एक खास त्योहार है। लोहड़ी पर नई फसल की पूजा की जाती है। लोहड़ी की अग्नि में रवि की फसल के तौर पर तिल, रेवड़ी, मूंगफली, गुड़ आदि चीजें अर्पित की जाती हैं। इस दिन लोग अच्छी फसल के लिए सूर्य देव और अग्नि देव को आभार व्यक्त करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि अगले साल भी फसल की पैदावार अच्छी हो।
इस दिन कटी हुई फसल का भोग सबसे पहले अग्नि को लगाया जाता है, इसीलिए प्रत्येक वर्ष खासकर पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी बहुत धूमधाम के साथ मनाई जाती है। लोहड़ी पर रात के समय खुली जगह पर अग्नि प्रज्जवलित की जाती है और उस आग के चारों ओर परिक्रमा की जाती है।
पंडित मनोज मिश्र ने बताया कि पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व लोहड़ी मनाई जाती है। इस बार लोहड़ी पर दोपहर 3 बजकर 18 मिनट तक भद्रा रहेगा। इस दिन प्रदोष काल में अग्नि प्रचलित करना बेहद अच्छा माना जाता है। मंगलवार को सूर्यास्त का समय 5: 44 का रहेगा, इसलिए सूर्यास्त से 2 घंटे की अवधि के अंदर लोहड़ी का पूजन करना सबसे अच्छा माना जाता है।
उन्होंने बताया कि लोहड़ी पर लोग शाम के समय तैयार होकर एक जगह इकट्ठा होते हैं और परिक्रमा नामक अनुष्ठान में अग्नि जलाते हैं। वे पूजा अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में प्रार्थना करते हुए अग्नि में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाते हैं। इसके बाद सभी लोग अग्नि के गोल-गोल चक्कर लगाते हुए गीत गाते हैं और ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हैं। साथ ही एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी देते हैं। |