प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सूत्र, जागरण सुलतानपुर। कड़ाके की सर्दी ने फेफड़ों के रोगियों के दर्द को बढ़ा दिया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सर्दी, खांसी व सांस फूलने की समस्या से लगभग 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें दवा के साथ ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनाए गए विशेष कोल्ड रूम वार्ड में मरीजों को भर्ती कर उन्हें इलाज की सुविधा दी जा रही है।
रविवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में सांस फूलने व खांसी की समस्या से पीड़ित कई मरीजों को लाया गया था। इनमें पैगापुर के सिराज, अंगनाकोल की सरिता, पांचोंपीरन की सुमित्रा तथा घासीगंज के अविनाश शामिल थे। ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) डॉ. तिलक राम ने बताया कि धूमपान, वातावरण में प्रदूषण और सर्दी का मौसम कमजोर फेफड़ों की परेशानी बढ़ा देता है।
धुएं या प्रदूषण के माध्यम से फेफड़ों में जाने वाले हानिकारक कण फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में उन्हें सांस लेने में कठिनाई होती है। लगातार खांसी से चेहरा लाल हो जाता है। कभी सूखा तो कभी गीला बलगम निकलता है।
ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती है। यह सबसे पीड़ादायक स्थिति होती है। ऐसे मरीजों को भर्ती करना पड़ता है।
चिकित्सक के अनुसार ऐसे रोगियों को धूमपान तथा सर्दी व धुआं जैसे वातावरण से दूर रहना चाहिए। फेफड़ों में संक्रमण कम करने के लिए फ्लू और निमोनिया का टीकाकरण चिकित्सक के मार्गदर्शन में अवश्य कराएं।
फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए व्यायाम जरूरी है। प्रतिदिन रेस्पाइरोमीटर मशीन के माध्यम से आधे घंटे तक सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। सुपाच्य व पौष्टिक आहार का सेवन करें। गर्म पानी व भाप लें। इन्हेलर बंद न करें और चिकित्सक की राय अवश्य लेते रहें।
ऐसे में दवाएं लेने के साथ ही फेफड़ों से संबंधित व्यायाम की आदत समस्या काे कम करने सहायक है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मिश्र ने बताया कि मरीजों के लिए बनाए गए विशेष कोल्ड रूम वार्ड में उन्हें सारी चिकित्सीय सुविधाएं मुफ्त दी जाती हैं। |
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