गोरखपुर में एक साल में मोबाइल फोन से 1.55 लाख करोड़ से अधिक का लेनदेन।
राजीव रंजन, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। तकनीक के इस युग में वित्तीय लेनदेन के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मोबाइल के जरिए पैसे के लेनदेन का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि गोरखपुर में डिजिटल भुगतान का भविष्य यूपीआई के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
आसान प्रक्रिया, तुरंत भुगतान, कम समय और व्यापक स्वीकार्यता के कारण यूपीआई ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक का भरोसा जीत लिया है। सितंबर 2024 से सितंबर 2025 के दौरान लोगों ने यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए 1,55,075.10 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।
यूपीआई की बादशाहत कायम
वित्तीय वर्ष 2023-24 में सितंबर माह तक गोरखपुर में 2 करोड़ 16 लाख 77 हजार 99 लोगों ने यूपीआई का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुल 1,24,059.08 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इसके अगले ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में सितंबर तक यूपीआई की लोकप्रियता और बढ़ गई।
इस अवधि में 3 करोड़ 24 लाख 45 हजार 635 लोग यूपीआई से जुड़े और कुल लेनदेन की राशि बढ़कर 1,55,030.87 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
उपयोगकर्ताओं की संख्या और लेनदेन राशि में यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि लोग तेजी से नकद और पारंपरिक माध्यमों से हटकर डिजिटल भुगतान को अपना रहे हैं।
क्यूआर कोड के जरिए भी
सितंबर 2024 तक क्यूआर कोर्ड के जरिए 91941 लोगों ने करीब 43.38 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। वहीं एक साल के दौरान सितंबर 2025 तक 51596 लोगों ने 34.23 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। यानि दुकानों पर मोबाइल से खरीद करने वालों की संख्या में काफी बदलाव रहा।
कार्ड और आधार आधारित लेनदेन में आई गिरावट
इसके उलट डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए लेनदेन में अपेक्षाकृत स्थिरता और हल्की गिरावट देखने को मिली। वित्तीय वर्ष 2024 के सितंबर तक 42 लाख 59 हजार 368 लोगों ने कार्ड के जरिए 1,900.03 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।
वहीं वित्तीय वर्ष 2025 के सितंबर तक कार्ड उपयोग करने वालों की संख्या बढ़कर 51 लाख 19 हजार 974 हो गई, लेकिन लेनदेन की कुल राशि घटकर 1,871.61 करोड़ रुपये रह गई। इससे साफ है कि कार्ड का उपयोग तो बढ़ा, लेकिन बड़ी राशि के लेनदेन में लोग यूपीआई को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम में आ रही गिरावट
आधार आधारित भुगतान की बात करें तो इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष 2024 के सितंबर तक 60,048 लोगों ने आधार के जरिए 28.83 करोड़ रुपये का लेनदेन किया था। जबकि वित्तीय वर्ष 2025 के सितंबर तक यह संख्या घटकर 37,902 रह गई और लेनदेन की राशि भी घटकर मात्र 5.82 करोड़ रुपये रह गई। इससे स्पष्ट है कि आधार आधारित भुगतान लोगों की प्राथमिकता में शामिल नहीं रह गया है।
आईएमपीएस पर बना हुआ है भरोसा
हालांकि बैंकिंग सेवा आईएमपीएस (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) पर लोगों का भरोसा अब भी कायम है। वित्तीय वर्ष 2024 के सितंबर तक 41 लाख 68 हजार 980 लोगों ने आईएमपीएस के जरिए 31,465.12 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025 के सितंबर तक उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 72 लाख 26 हजार 347 हो गई और लेनदेन की राशि भी बढ़कर 55,680.57 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
डिजिटल लेनदेन के प्रमुख आंकड़े
भुगतान माध्यम अवधि उपयोगकर्ता (संख्या) लेनदेन राशि (करोड़ ₹)
यूपीआई (UPI)
2023-24 (सितंबर तक)
2,16,77,099
1,24,059.08
2024-25 (सितंबर तक)
3,24,45,635
1,55,030.87
डेबिट/क्रेडिट कार्ड
2024 (सितंबर तक)
42,59,368
1,900.03
2025 (सितंबर तक)
51,19,974
1,871.61
आधार आधारित भुगतान (AePS)
2024 (सितंबर तक)
60,046
25.83
2025 (सितंबर तक)
37,902
25.82
आईएमपीएस (IMPS)
2024 (सितंबर तक)
41,68,980
31,465.12
2025 (सितंबर तक)
72,26,347
55,680.57
क्या कहते हैं अधिकारी
डिजिटल लेनदेन के जरिए भुगतान करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सितंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच गोरखपुर में यूपीआई और क्यूआर कोड के लिए 1.55 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन किया है। -मनोज श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर। |