प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता लागू करने से झारखंड के कितने प्रारंभिक शिक्षक प्रभावित होंगे, इसे लेकर केंद्र ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसका आकलन करने कर रिपोर्ट देने को कहा है कि टेट उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के आदेश लागू करने से झारखंड के कितने शिक्षक प्रभावित होंगे। साथ ही केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने को लेकर राज्य स्तर पर भी विधि परामर्श लेने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पिछले वर्ष एक सितंबर को पारित उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें सभी प्रारंभिक शिक्षकों (जो आरटीई लागू होने से पहले भी नियुक्त हैं) के लिए टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि दो वर्ष में टेट उत्तीर्ण नहीं करनेवाले शिक्षकों को सरकार सेवा से हटा सकती है। साथ ही शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय मंत्रालय ने यह भी कहा है कि उक्त आदेश से छूट दिलाने को लेकर मंत्रालय को कई शिक्षकों, शिक्षक संघों तथा सांसदों आदि के ज्ञापन मिले हैं। उनमें कहा गया है कि शिक्षक इस आयु तक पहुंच चुके हैं कि उनके लिए टेट उत्तीर्ण होना आसान नहीं हाेगा।
साथ ही न्यायालय के आदेश लागू करने से उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकती है। मंत्रालय उक्त आदेश को लेकर सही निष्कर्ष पर तबतक नहीं पहुंच सकता तबतक कि सभी राज्यों से डाटा नहीं मिल जाए कि इस आदेश से कितने शिक्षक प्रभावित होंगे। राज्यों को रिपोर्ट देने के लिए बकायदा फार्मेट भी भेजा गया है।
सर्वोच्च न्यायालय में 39 रिव्यू पिटीशन दाखिल
सर्वोच्च न्यायालय के उक्त आदेश के विरुद्ध कुल 39 रिव्यू पिटीशन दाखिल किए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, केरल राज्य के अलावा विभिन्न शिक्षक संगठनों के पिटीशन सम्मिलित हैं। इस बीच, एक संगठन ने रिट पिटीशन भी दाखिल किया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष 25 दिसंबर को अस्वीकार कर दिया।
झारखंड में 30 हजार शिक्षकों के प्रभावित होने की संभावना
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टेट उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता लागू होने से राज्य में लगभग 30 हजार शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने यह अनुमान लगाया है। हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक जिलों से इसकी रिपोर्ट नहीं मंगाई है। साथ ही राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश लागू करने या नहीं करने को लेकर कोई निर्णय नहीं किया है।
एनसीटीई के रेगुलेशन के अनुपालन के भी दिए हैं निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा शिक्षक नियुक्ति को लेकर गठित विभिन्न रेगुलेशनों के अनुपालन के भी निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि राज्य में गठित या गठित होने वाली शिक्षक नियुक्ति नियमावलियों में एनसीटीई के रेगुलेशनों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। |
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