डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लाल किला क्षेत्र में विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों की रडार पर आए फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर को ईडी प्रीवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त कर सकती है। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए धनराशि कथित तौर पर अपराध की आय से प्राप्त की गई थी।
अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जे. अहमद सिद्दीकी को नवंबर में ईडी ने उनके अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया था। ईडी ने दावा किया कि शिक्षण संस्थानों के पास शिक्षण के लिए आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी।
पीएमएलए के तहत अवैध धन
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पहचाने गए \“\“अपराध की आय\“\“ (पीएमएलए के तहत अवैध धन) का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित यूनिवर्सिटी की विभिन्न इमारतों के निर्माण में लगाया गया था। ईडी अल फलाह ट्रस्ट की विभिन्न चल और अचल संपत्तियों की पहचान और मूल्यांकन करने की प्रक्रिया चला रही है, जो इसके सभी शैक्षणिक संस्थानों और यूनिवर्सिटी का मालिक है।
सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद अपराध से प्राप्त धन से अर्जित या निर्मित संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने के लिए पीएमएलए के तहत आदेश जारी किया जाएगा। समझा जाता है कि छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए ईडी कार्रवाई के बाद भी उन्हें बिना किसी रुकावट के अध्ययन जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसी कार्रवाई इसलिए की जाती है ताकि अपराध से प्राप्त धन का दुरुपयोग, बिक्री या लेन-देन न हो सके। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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