जागरण संवाददाता, औरैया। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) से किनारा करते हुए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की ड्यूटी न करने पर 13 और शिक्षकों को नोटिस दी गई। उनके द्वारा अधिकारियों के फोन काल को रिसीव नहीं किया जा रहा। 10 जनवरी को जारी नोटिस में शामिल समस्त अध्यापक औरैया विकास खंड के हैं। जिन्हें सदर औरैया विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र संबंधित कार्यों को सौंपा गया था।
इससे पूर्व चार शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। 20 अध्यापकों को अंतिम चेतावनी देते हुए नोटिस दी गई। ऐसे में अब तक 33 शिक्षकों से जवाब मांगा जा चुका है। इसमें शिक्षामित्र भी हैं। सदर औरैया विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र-204 में बढ़े मतदेय स्थलों पर शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ में लगाई गई है। शिक्षामित्रों को भी कार्य में लगाया गया है।
खंड शिक्षाधिकारी अजय विक्रम सिंह ने शनिवार को शिक्षामित्रों में रुपेश, मीनू, आरती, ललिता, संध्या, सविता देवी और रेखा के खिलाफ नोटिस जारी की। सहायक अध्यापकों में संगीता, वर्षा सिंह, हरिनारायन, अनुराधा, माधवी त्यागी और आराधना शुक्ला के नाम नोटिस जारी की।
दूसरी ओर इससे पूर्व शुक्रवार को विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र-203 दिबियापुर के तहत नियुक्ति बूथों पर बीएलओ की ड्यूटी प्राप्त न करने पर 20 सहायक अध्यापकों को अंतिम चेतावनी देकर नोटिस दी गई। अध्यापकों में प्रदीप कुमार, रूचि तिवारी, नूतन दीक्षित, राम प्रताप सिंह, ममता, शिवानी, नीलेश कुमार, नंदिनी, कल्पना, प्रिंसी, दीप्ति मिश्रा, सुजता गौतम, रुचि गुप्ता, संजीव कुमार, मनोज कुमार, खुशबू, चंद्र प्रकाश, शिवम शुक्ला, संदीप व योगेंद्र सिंह रहे।
बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि बिधूना ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरयांवा के निलंबित सहायक अध्यापक अजय कुमार कन्नौजिया ने बीएलओ ड्यूटी से इन्कार कर शुक्रवार को फोन बंद कर लिया था। भाग्यनगर ब्लाक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजमतपुर की सहायक अध्यापक ममता देवी ने तहसील अजीतमल से बीएलओ की सामग्री प्राप्त नहीं की। अधिकारियों के निर्देशों को अनसुना किया था।
आठ जनवरी को नोटिस दी गई तो उन्होंने उसे भी लेने से मना कर दिया। उन्हें निलंबित कर बीईओ सहार उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा को जांच सौंपी गई है। इसके पूर्व बिधूना ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मल्हौसी में कार्यरत सहायक अध्यापक नेहा और भाग्यनगर ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गदनपुर की सहायक अध्यापक प्रभा देवी को निलंबित किया गया था। सभी पर निर्वाचन की आचार संहिता और कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप है। |