नई दिल्ली। अगर आप भारत में बिटकॉइन (Bitcoin), इथेरियम या किसी भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अब क्रिप्टो अकाउंट खोलना या चलाना उतना आसान नहीं रहा जितना पहले था।
नए नियमों में क्या बदला? सरकार ने \“मनी लॉन्ड्रिंग\“ और धोखाधड़ी रोकने के लिए 5 बड़े बदलाव किए हैं, जिन्हें जानना हर निवेशक के लिए जरूरी है:
सजीव सेल्फी (Live Selfie) अनिवार्य: अब पुराने फोटो अपलोड करने से काम नहीं चलेगा। \“डीपफेक\“ (Deepfake) फ्रॉड को रोकने के लिए आपको कैमरे के सामने \“लाइव सेल्फी\“ लेनी होगी। सिस्टम आपसे पलक झपकाने या सिर हिलाने को कहेगा, ताकि यह पुष्टि हो सके कि आप असली इंसान हैं और वहां मौजूद हैं।
जियो-टैगिंग (Geo-tagging): अकाउंट बनाते समय या ट्रांजेक्शन करते समय आपकी लोकेशन ट्रैक की जाएगी। एक्सचेंज आपका सटीक अक्षांश और देशांतर (Latitude & Longitude) और IP एड्रेस रिकॉर्ड करेंगे।
बैंक अकाउंट का कड़ा वेरिफिकेशन: सिर्फ बैंक डिटेल देना काफी नहीं होगा। अब खाते के स्वामित्व को साबित करने के लिए \“1 रुपये का ट्रांजेक्शन\“ (Penny Drop verification) अनिवार्य कर दिया गया है।
दो आईडी प्रूफ: अब सिर्फ पैन कार्ड काफी नहीं है। इसके साथ आधार कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी जैसा कोई दूसरा सरकारी दस्तावेज देना भी जरूरी होगा।
OTP वेरिफिकेशन: ईमेल और मोबाइल नंबर दोनों का अलग-अलग OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
क्यों उठाए गए ये कदम? FIU ने क्रिप्टो एक्सचेंजों को अब \“आभासी डिजिटल संपत्ति\“ (VDA) सेवा प्रदाता माना है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों, टेरर फंडिंग और साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। |