कोट भलवाल जेल से तीन टूटे हुए मोबाइल फोन बरामद।
जागरण संवाददाता, जम्मू। गांधीनगर पुलिस की ओर से गत वर्ष 14 नवंबर को उजागर किए गए नार्को टेरर नेटवर्क मामले की जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब इस नेटवर्क के तार जम्मू की सेंट्रल जेल कोट भलवाल से जुड़े हैं। जांच के दौरान जेल के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
नार्को टेरर नेटवर्क से जुड़े कुख्यात खौफ गैंग के गुर्गे रोहित कुमार उर्फ मक्खन के खुलासे के बाद गांधीनगर पुलिस की एक टीम ने सेंट्रल जेल कोट भलवाल में छापा मारा। इस दौरान जेल प्रशासन और सीआइएसएफ कर्मियों की मौजूदगी में की गई तलाशी में रोहित के सामान से तीन टूटे हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें दो रेडमी और एक सैमसंग मोबाइल शामिल है। सिम कार्ड मौके से बरामद नहीं हुए हैं।
रोहित कुमार उर्फ मक्खन पुत्र बोध राज निवासी कोटली राईयां, आरएसपुरा करीब एक वर्ष से कोट भलवाल जेल में बंद है। नार्को टेरर नेटवर्क में उसका नाम सामने आने के बाद गांधीनगर पुलिस ने तीन जनवरी को उसे जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान आरोपी के खुलासे पर पुलिस ने आरएसपुरा क्षेत्र में उसके घर के पास खेतों से एक पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और एक मैगजीन भी बरामद की थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित जेल में बंद रहने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। इसी आधार पर शनिवार को पुलिस टीम आरोपित को साथ लेकर सेंट्रल जेल कोट भलवाल पहुंची और उसके सेल की तलाशी ली गई।
इसमें बिस्तर की चादर और गद्दे के नीचे छिपाकर रखे गए टूटे हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। यह कार्रवाई थाना गांधीनगर में दर्ज एफआईआर संख्या 249/2025 के तहत की गई है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/22/29 और बीएनएस की धारा 111 के अंतर्गत मामला दर्ज है।
जांच के लिए एफएसएल भेजे जाएंगे मोबाइल
गांधीनगर पुलिस के अनुसार बताया कि बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के अवशेषों को फारेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी जेल में रहते हुए किन-किन लोगों के संपर्क में था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि क्या रोहित जेल से सीमा पार पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलरों से भी संपर्क में था।
मामले से संबंधित जानकारी
- 14 नवंबर को गांधीनगर पुलिस ने अंतरराज्यीय नार्को टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश किया
- ड्रग तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में होने का खुलासा
- नेटवर्क के तार जम्मू, पंजाब और सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत
- खौफ गैंग के गुर्गे रोहित कुमार उर्फ मक्खन की अहम भूमिका सामने आई
- हथियार, ड्रग्स और डिजिटल सबूतों की लगातार बरामदगी
- जेल के भीतर से नेटवर्क संचालन की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल |
|