लश्कर-ए-तैयबा के नंबर 2 ने पाकिस्तानी स्कूल में दिया भाषण (फोटो- एक्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबाके उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी ने एक वीडियो में पाकिस्तानी सेना के साथ अपने करीबी संबंधों को खुलेआम स्वीकार कर लिया है। यह वीडियो एक पाकिस्तानी बाल विद्यालय में दिए गए उनके भाषण का है, जहां वे लाल गुब्बारों से सजे मंच पर खड़े दिख रहे हैं। खुफिया सूत्रों ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।
वीडियो में कसूरी कहता सुनाई दे रहा है कि पाकिस्तान की सेना मुझे जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए आमंत्रित करती है। क्या आप जानते हैं कि भारत भी मुझसे डरता है?
यह घटना पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के आरोपों को और मजबूती प्रदान करती है, खासकर तब जब कसूरी को अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के मास्टरमाइंड के रूप में पहचाना गया था। इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान और पीओकेमें 9 प्रमुख आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।
कसूरी, जो हाफिज सईद के करीबी सहयोगी हैं, ने भाषण में सेना के साथ अपने संबंधों को गर्व से बताया, जो पाकिस्तानी सेना और आतंकी समूहों के बीच गहरे nexus को उजागर करता है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक बच्चे के स्कूल में आतंकी नेता को मंच देने की घटना को कई विश्लेषकों ने “सभ्य समाज के लिए अकल्पनीय“ करार दिया है।
हालिया घटनाक्रम और सुरक्षा स्थिति
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से LeT और जैश-ए-मोहम्मदजैसे समूहों ने फिर से सक्रिय होना शुरू किया है। नवंबर 2025 में खुफिया रिपोर्टों में जम्मू-कश्मीर में नई आतंकी गतिविधियों की चेतावनी दी गई थी।
हाल ही में उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने एलओसीके साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल का दौरा किया, जहां प्रशिक्षण और नवाचार पर जोर दिया गया।
उत्तरी कमान ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि सभी क्षेत्र हाई अलर्ट पर हैं। भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि पाकिस्तान का “आतंकवाद निर्यात“ जारी रहा, तो ऑपरेशन सिंदूर का नया चरण शुरू हो सकता है।
पाकिस्तान का दोहरा चरित्र
यह पहली बार नहीं है जब कसूरी ने सेना से जुड़ाव दिखाया। पहले वीडियो में वे पाकिस्तानी सैनिकों के जनाजे में नमाज पढ़ाते दिखे थे, और एक वीडियो में साउथ वजीरिस्तान में सैनिक के अंतिम संस्कार का नेतृत्व करते नजर आए। ये सबूत पाकिस्तान की उस नीति को बेनकाब करते हैं, जहां वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद से इनकार करता है, लेकिन घरेलू स्तर पर आतंकियों को सुरक्षा, मंच और सम्मान प्रदान करता है।
भारत ने बार-बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की मांग की है। इस घटना से एक बार फिर साबित होता है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकी समूह एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। |
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