LHC0088 • The day before yesterday 23:56 • views 1034
प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, गोहाना। गांव बिचपड़ी के 57 वर्ष के रामफल की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान नई बातें सामने आ रही हैं। आरोपितों ने वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था। पहले रामफल को खूब शराब पिलाई गई। जब वह पूरी तरह नशे में हो गया और संभलने की स्थिति में नहीं रहा, तब उसके सिर पर लोहे के औजार (पाना) से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद आरोपित शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बिचपड़ी से बुटाना रोड स्थित माइनर के पास ले गए। पहचान व सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया था। पुलिस ने इस मामले में गांव बिचपड़ी के अजय और अनिकेत को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार और अन्य सबूतों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
रामफल लगभग एक माह पहले अचानक लापता हो गया था। स्वजन ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। 18 दिसंबर 2025 को उसके भतीजे सत्यवान ने सदर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगा तो स्वजन अनहोनी की आशंका जताने लगे। मामले में नया मोड़ सात जनवरी को तब आया जब सत्यवान ने पुलिस के समक्ष कुछ युवकों पर अपने चाचा की हत्या का शक जताया।
पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की और संदेह के घेरे में आए अजय व अनिकेत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश थी। आरोपित अनिकेत के चाचा प्रदीप की कुछ समय पहले ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई थी।
अनिकेत को शक था कि उस समय रामफल वहां मौजूद था, लेकिन उसने उसके चाचा को बचाने की कोशिश नहीं की। इसी रंजिश ने रामफल की जान ले ली। पुलिस हर कड़ी को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि आरोपितों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
यह भी पढ़ें- \“लिव-इन पार्टनर को फैमिली पेंशन में शामिल करने पर विचार करे केंद्र\“, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश |
|