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स्केटिंग करते हुए अयोध्या जाती वंशिका यादव।
संस, जागरणः शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। नौ साल की छात्रा की जिद के आगे उसके स्वजन भी हार गए। कड़कड़ाती सर्दी में छात्रा स्केटिंग करते हुए अयोध्या पहुंची और भगवान श्रीराम के दर्शन किए। छात्रा के साथ उसके पिता, भाई और चाचा भी रहे। उसने स्केटिंग करते हुए छह दिन में 480 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर अपनी इच्छा को पूरा किया।
शुक्रवार को भगवान श्रीराम के दर्शन करने के बाद वह स्वजन के साथ घर पहुंच गई। मुहल्ला अमृत नगर निवासी वंशिका यादव के पिता शिव शंकर यादव सरकारी नौकरी (डिफेंस) करते हैं। वह आगरा में किराए के मकान में पत्नी पूनम और बड़े बेटे रुद्र व बेटी वंशिका के साथ रहते हैं। वंशिका केंद्रीय विद्यालय आगरा में कक्षा तीन की छात्रा है।
शीतावकाश के कारण वह कुछ दिन पहले गांव में अपने बाबा सत्यवीर सिंह के पास आई थी। उसने पिता और बाबा से कहा कि वह स्केटिंग करते हुए अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करेगी। काफी समझाने के बाद भी बच्ची नहीं मानी तो उसकी मां ने उसे सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े, ग्लब्स और अन्य कपड़े पहना कर उसे अयोध्या के लिए तीन जनवरी की सुबह 11 बजे रवाना किया।
बच्ची ने पहले घर के मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर अपने पिता, भाई और चाचा के साथ अयोध्या के लिए रवाना हो गई। बच्ची ने घर से लेकर अयोध्या तक छह दिन का सफर तय किया। पिता व अन्य स्वजन कार से चल रहे थे। प्रतिदिन लगभग 80 किलोमीटर दूरी तय कर वह शुक्रवार को अयोध्या पहुंची। लोगों ने रास्ते में उसका स्वागत किया।
सर्वप्रथम इटावा क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास आसपास के लोगों ने एकत्रित होकर बच्ची को माला पहना कर स्वागत किया। इसके बाद औरैया में किया गया। अकबरपुर से बाराजोर टोल तक नेशनल हाईवे आफ अथारिटी की गाड़ी ने बच्ची को सुरक्षा प्रदान करते हुए लाई।
शुक्रवार सुबह 10 बजे छात्रा अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर पर पहुंची। छात्रा को इतनी दूर से स्केटिंग करके भगवान के दर्शन करने की आने की जानकारी हुई तो मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने स्वागत किया। शाम चार बजे सभी लोग अपनी कार से वापस शिकोहाबाद के लिए रवाना हो गए। मध्य रात बच्ची अपने स्वजन के साथ घर पहुंच गई।
पिता ने दिया प्रशिक्षण, बेटी ने पिता के अरमान किए पूरे
वंशिका के पिता उसे पांच वर्ष से स्केटिंग सिखा रहे थे। चार वर्ष में उसने महारथ हासिल कर ली। अपने हुनर को दिखाने के लिए छात्रा सर्द मौसम में अयोध्या के लिए रवाना हो गई। उसकी इस कामयाबी से पूरा परिवार खुश है। जब इस बारे में उसके पिता से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का सपना था कि वह स्केटिंग करे।
जब उन्होंने रोका तो उसने काफी जिद की और उसकी जिद के आगे सभी हार गए। कार की सुरक्षा में लेकर छात्रा ने किया सफर पूरा तीन जनवरी को निकली छात्रा ने छह जनवरी को अयोध्या पहुंच गई। पिता छात्रा को कार से सुरक्षा देते हुए बराबर चल रहे थे। जब छात्रा थक जाती तो रास्ते में ढाबे, होटल पर रोक कर उसे विश्राम कराया जाता। इसके बाद पुनः सफर प्रारंभ हो जाता। |
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