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हरियाणा में 21 करोड़ से अधिक की GST चोरी का भंडाफोड़। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, रोहतक। रोहतक स्थित केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय की टीम ने सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मेसर्स काम्बिटिक ग्लोबल कैपलेट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक बड़े कर चोरी रैकेट का पर्दाफाश किया है।
विभाग द्वारा की गई गहन तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज बरामद हुए, जिनसे 118.49 करोड़ रुपये मूल्य की दवाइयों के अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के जरिए लगभग 21.30 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई।
जांच एजेंसियों ने कंपनी के प्रमोटर पावेल गर्ग को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया है, जो अन्य लोगों के साथ मिलकर कर चोरी की इस योजना को अंजाम दे रहा था। यह मामला सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसे संज्ञेय और गैर-जमानती माना गया है।
पावेल गर्ग को गिरफ्तार कर 17 दिसंबर 2025 को सोनीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उनकी जमानत याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने खारिज कर दी थी।
अन्य लोगों की भी भूमिका
बाद में उन्होंने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में दोबारा जमानत याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी ने 10.66 करोड़ रुपये की जीएसटी राशि नकद में जमा कराई, जो कथित कर चोरी की लगभग 50 प्रतिशत राशि है।
इसके बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी। केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय ने कहा कि यह कार्रवाई कर चोरी पर सख्त निगरानी और कर प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। |
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