डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक
आयुष्मान पांडेय, जागरण, लखनऊ : केजीएमयू की छात्रा से दुष्कर्म, गर्भपात और मतांतरण के मामले में फंसने के बाद डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक पांच जिलों से होते हुए दिल्ली पहुंचा था। 25 दिसंबर से लखनऊ से फरार डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक पिता की मदद से वह लगातार अपडेट लेते हुए जमानत के प्रयास में था।
लखनऊ की पुलिस ने जब डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक के मां-बाप को गिरफ्तार किया तो वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए उसे मजबूरी में लखनऊ आना पड़ा। कैसरबाग पहुंचने से पहले ही बस रोककर चौक पुलिस ने उसे सिटी स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, रमीजुद्दीन से दो घंटे की पूछताछ में पुलिस ने करीब 25 से ज्यादा सवाल किए, जिसके वह बेधड़क जवाब दे रहा था। वह सभी सवालों के दो-तीन बार जवाब दोहरा रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने नोएडा की युवती से मतांतरण के बाद निकाह की बात स्वीकारी थी। वहीं, जिस युवती ने आरोप लगाया, उसके बारे में जानकारी करने पर उसने बताया कि वह उसकी दोस्त है। वह सभी आरोपों को नकार रहा था। अन्य जानकारियां करने पर उसने सभी को गलत ठहरा दिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
दिल्ली निवासी अपने परिचित के पास चला गया
पुलिस सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में मामला ज्यादा बढ़ने पर वह दिल्ली निवासी अपने परिचित के पास चला गया था। वहां से वह माता-पिता से लगातार अपडेट ले रहा था, लेकिन नोएडा निवासी युवती के बयान दर्ज करने के बाद मुकदमे में नाम बढ़ाते हुए पुलिस ने उन दोनों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
फारेंसिक लैब भेजा गया मोबाइल
इस पर रमीज को जमानत के लिए वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिवक्ता ने बुलाया था। गुरुवार को वह दिल्ली से शाहजहांपुर पहुंचा, फिर सीतापुर और वहां से बस से लखनऊ आ रहा था। पुलिस को सूचना पहले से थी, तो गिरफ्तारी के लिए सिटी स्टेशन के पास टीम ने बस को रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मिले मोबाइल को जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजा गया है।
हर दो दिन में बदल दे रहा था लोकेशन
फरारी के दौरान रमीज दिल्ली, शाहजहांपुर, शामली, बरेली, हरदोई, सीतापुर समेत अन्य जिलों में होटल लेकर रुका था। इसके बाद दिल्ली में एक परिचित से मदद मांगी, तो वहीं चला गया था। वह ट्रेस न हो, इसके लिए दो दिन में लोकेशन बदल देता था। |