मंदिर परिसर और बाजार क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप. Jagran
जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जागेश्वर धाम क्षेत्र में तापमान माइनस में पहुंचने के कारण प्रसिद्ध जटा गंगा पूरी तरह जमकर ठोस बर्फ में तब्दील हो गई है।
बीते कुछ दिनों से लगातार गिरते तापमान के चलते जागेश्वर मार्केट और मंदिर परिसर के आसपास न्यूनतम तापमान माइनस पाँच डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है।
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण सुबह और देर शाम के समय इलाके में सन्नाटा पसरा रहता है। जटाओ गंगा के जमने से यह दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए ठंड एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। पानी की पाइपलाइनें जमने लगी हैं और दैनिक कार्यों में परेशानी बढ़ गई है।
मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। पुजारी और स्थानीय व्यापारी आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। ठंड के कारण छोटे दुकानदारों की आवाजाही भी कम हो गई है, जिससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की अपील की है।
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