निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर बेच रहे धान
संवाद सूत्र, चांदन (बांका)। चांदन पंचायत के किसान एक बार फिर विभागीय लापरवाही के शिकार हो गए हैं। वर्षों से डिफाल्ट चल रहे चांदन पैक्स के कारण इस वर्ष भी किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह गए।
वर्ष 2024 में पैक्स चुनाव को लेकर किसानों में यह उम्मीद जगी थी कि इस बार उनकी समस्या का समाधान होगा, लेकिन विभाग की उदासीन कार्यशैली ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
चुनाव के कारण आचार संहिता लागू
पैक्स का ऑडिट नहीं होने के कारण विभाग ने चांदन पैक्स को धान खरीद से वंचित कर दिया। इससे किसान सरकारी क्रय केंद्रों के चक्कर काटते रह गए। जब किसानों की समस्या दैनिक जागरण में प्रकाशित हुई, तब जिलाधिकारी के निर्देश पर चांदन पैक्स को बिरनियां पंचायत के पैक्स से जोड़ा गया। इससे किसानों को लगा कि अब वे समर्थन मूल्य पर धान बेच सकेंगे।
लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा दिनों तक कारगर नहीं हो सकी। बिरनियां, चांदवारी और दक्षिण वारने पंचायत में फरवरी माह में प्रस्तावित चुनाव के कारण आचार संहिता लागू हो गई। इसके चलते बिरनियां पैक्स को भी धान खरीद से रोक दिया गया। बीसीओ ओंकार कुमार ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता के कारण चुनाव संपन्न होने के बाद ही धान की खरीद संभव होगी।
चांदन पैक्स अध्यक्ष बैजनाथ यादव ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग को पहले से जानकारी थी कि बिरनियां पंचायत में चुनाव होने वाले हैं, इसके बावजूद चांदन पैक्स को वहीं जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा।
किसानों की पीड़ा
पैक्स में धान की खरीद बंद रहने से किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मजबूरी में निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचना पड़ा।- नरेश मंडल
समय पर खरीद नहीं होने से उनकी मेहनत बेकार चली गई। समर्थन मूल्य नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।- गौतम शर्मा
विभागीय लापरवाही के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।- अनिल पोद्दार |
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