झरिया के कतरास मोड़ स्थित मिठाई दुकान।
जागरण संवाददाता, लोदना (धनबाद)। फर्जी लिंक भेजकर 17 लाख रुपये के साइबर ठगी मामले में हरियाणा पुलिस शुक्रवार को झरिया में बड़ी कार्रवाई की। हरियाणा पुलिस झरिया पुलिस के सहयोग से कतरास मोड़ स्थित विकास स्वीटस् व चौथाई कुल्ली में छापेमारी की।
कतरास मोड स्थित विकास स्वीटस् के मालिक अरुण प्रताप केसरी व चौथाई कुल्ही से राजेश सिंह उर्फ राजू सिंह और अजय रवानी को पकड़ा। पुलिस ने प्रगति केसरी पर दबाव बनाने के लिए उनके पिता अरुण प्रताप केसरी को झरिया थाना लाया। पुलिस काे देखकर प्रगति केसरी मौके से फरार हाे गया था। फिलहाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। झरिया पुलिस उक्त मामले को लेकर कुछ भी कहने से परहेज कर रही है।
फर्जी लिंक भेज किया गया ठगी
हरियाणा के गुड़गांव निवासी मनोज कुमार ने गुड़गांव साइबर थाना में दो माह पूर्व लगभग 17 लाख रुपये ठगी की शिकायत की थी। बताया कि साइबर ठगों ने फर्जी लिंक भेजकर मेरे साथ ठगी की है। मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही लिंक खोला तो वह फोन में स्टॉल हो गया।
उसके बाद बैंक से राशि कटना शुरू हो गया। हरियाणा पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। हरियाणा पुलिस के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर गुडगांव साइबर थाना अधिकारी योगेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस मामले में टीम ने पाया कि ठगी में जिस मोबाइल नंबर से लिंक भेजा गया था।
वह नंबर झरिया थाना क्षेत्र के कतरास मोड चौथाई कुल्ही के अजय रवानी के नाम से है। पुलिस में छानबीन में पाया कि चौथाई कुल्ही के राजेश सिंह व कतरास मोड स्थित विकास स्वीटस् के मालिक अरुण प्रताप केसरी के पुत्र प्रगति केसरी के कई बैंक अकाउंट में राशि का ट्रांसफर किया गया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस कुछ भी कहने से इंकार कर रही है। हिरासत में लिए गए आरोपितों को हरियाणा पुलिस अपने साथ ले जाने की तैयारी में जुटी हुई है।
झरिया में देती से फल फूल रहा साइबर अपराध : साइबर ठगी मामले में यह पहला मामला नही है। इससे पूर्व भी विभिन्न राज्यों की पुलिस ने झरिया में दबिश दे चुकी है। इसके बावजूद साइबर अपराधियों का मानोबल कमचोर नही हुआ है। सूत्रों की माने तो झरिया के नई दुनिया, कोयरीबांध, सुराटांड़, बस्ताकोला, बनियाहीर, झरिया रेलवे स्टेशन रोड सहित अन्य कई जगहों में साइबर क्राइम ठगी से कई लोग जुड़े है। इसके बावजूद प्रशासन तंत्र इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही करती है। |
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