साल 2025 में पुलिस ने 36.3 लाख लीटर से ज़्यादा शराब जब्त की। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में पिछले 9 साल से शराबबंदी लागू है। जिसके चलते यहां शराब तस्करों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। साल 2025 में पुलिस ने 36.3 लाख लीटर से ज़्यादा शराब जब्त की है। वहीं, शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप में 1.25 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने शुक्रवार को बताया कि ज़ब्त की गई शराब में 18.99 लाख लीटर इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और 17.39 लाख लीटर देसी शराब शामिल थी।
अधिकारियों ने पिछले साल शराबबंदी कानून तोड़ने के आरोप में 1,25,456 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1,21,671 था। यानी 2024 की तुलना में 2025 में 3 प्रतिशत अधिक गिरफ्तारी की गई है।
2016 में लागू किया गया था शराबबंदी कानून
बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 में एक कानून बनाया था, जिसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, व्यापार, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, बिक्री और सेवन पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, इस कानून के कड़े प्रावधानों के बावजूद, तब से कई बार शराब की तस्करी और जहरीली शराब से होने वाली मौतों की खबरें सामने आई हैं।
इस पर डीजीपी ने कहा कि जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए, स्पिरिट बेचने वालों पर खास नजर रखी जा रही है।उन्होंने कहा कि 2025 के दौरान शराब से जुड़ी कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन शराबबंदी से जुड़े मामलों में जब्ती और गिरफ्तारियों में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पुलिस लगातार चला रही है अभियान
उन्होंने कहा, “हम अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों की संपत्ति को भी टारगेट कर रहे हैं, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से रोका जा सके।“ कुमार ने बताया कि पिछले साल शराब के धंधे के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कुल 38 ऑपरेशन किए। इसमें 15 ऑपरेशन झारखंड, 17 उत्तर प्रदेश, चार छत्तीसगढ़ और 2 मध्य प्रदेश में हुए।
इन अभियानों के दौरान कुल 29 बड़े वाहन, 26 छोटे वाहन और 2,27,182 लीटर शराब ज़ब्त की गई। यह 2024 में प्रोहिबिशन यूनिट द्वारा किए गए चार ऑपरेशन्स की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है, जब 28,210 लीटर स्पिरिट जब्त की गई थी।
विनय कुमार ने बताया कि 2025 में, शराब के अवैध व्यापार से जमा की गई संपत्ति के लिए कुल 289 लोगों की पहचान की गई और उन व्यक्तियों के खिलाफ BNSS की धारा 107 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह धारा आपराधिक गतिविधि से जुड़ी संपत्ति की कुर्की, जब्ती या बहाली से संबंधित है। |