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जागरण संवाददाता, आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में बीते तीन वर्षो में टेंडर के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए बिना ही कई टेंडर फर्मों को आवंटित कर दिए गए। फतेहाबाद स्थित विद्युत वितरण मंडल कार्यालय में लगभग 30 करोड़ रुपये के 54 टेंडर नियमों को ताक पर रख दे दिए गए।
इसके साथ ही 74 अन्य टेंडरों में अनियमितताएं सामने आई हैं। कुल 128 टेंडरों में गड़बड़ी की गई है। घोटाले के साक्ष्य मिटाने के लिए 123 पत्रावलियां भी जला दी गईं। आंतरिक जांच में मामला सामने आने के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। विभागीय कार्रवाई के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
फतेहाबाद कार्यालय में तीन वर्ष में हुआ पूरा खेल, साक्ष्य मिटाने के लिए जला दीं 123 पत्रावलियां
डीवीवीएनएल में एक नया भ्रष्टाचार पकड़ में आया है। अब टेंडर के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में हुए टेंडरों में आंतरिक जांच में गड़बड़ी सामने आई है। कुछ टेंडर में प्रथम निविदादाता ने निविदा की धनराशि 15 लाख रुपये अंकित की थी तो लिपिक द्वारा उसमें परिवर्तन कर 12 लाख रुपये की वृद्धि कर दी गई।
कुछ ऐसी भी निविदा हुई जिसमें टेंडर डाले ही नहीं गए, इसके बाद भी उन्हें अनुबंध कर दिया। समीक्षा में पता चला कि फतेहाबाद स्थित कार्यालय में टेंडर तो दिख रहे थे लेकिन उनकी फाइलें मुख्य कार्यालय में अनुमोदन के लिए नहीं आईं। जांच में सामने आया है कि ठेकेदारों के साथ मिलकर शिविर सहायक नीरज पाठक ने फर्जीवाड़ा किया है।
अधिकारियों की फर्जी करता था शिकायत
शिविर सहायक नीरज पाठक के कंप्यूटर की जांच में सामने आया है कि वे फर्जीवाड़ा के साथ ही अधिकारियों के विरुद्ध फर्जी शिकायतें भी करता था। इससे जांच प्रभावित हो। उनके कंप्यूटर में ड्राफ्ट फाइल में बिना हस्ताक्षर के साक्ष्य मिले हैं। इनको भी जांच अधिकारी द्वारा सील कर दिया गया है।
ये मिली अनियमितताएं
- वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के 40 अनुबंध ऐसे मिले, जिसके सापेक्ष निविदाएं प्रकाशित ही नहीं की गईं।
- वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के चार अनुबंध ऐसे मिले हैं, जिसके सापेक्ष प्रकाशित निविदाएं ई-निविदा पोर्टल पर निरस्त प्रदर्शित हो रही हैं लेकिन टेंडर जारी कर दिए गए।
- वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के नौ अनुबंध ऐसे मिले, जिसके सापेक्ष प्रकाशित निविदाओं के ई-निविदा पोर्टल पर प्रथम, द्वितीय भाग खोले ही नहीं गए, फिर भी टेंडर जारी किए गए।
- वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लगभग 28 निविदाओं के सापेक्ष ई-निविदा पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, निविदादाताओं द्वारा निविदा शुल्क, धरोहर धनराशि की रसीदें बदलकर कई निविदाओं में संलग्न की गई हैं।
- वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के तहत 29 निविदाओं की जांच में पाया गया है कि एल-1 द्वारा अंकित दरों, निविदा मूल्य, बिना निविदा में प्रतिभाग के, एक से अधिक अनुबंध करके एवं गलत धनराशि से अनुबंध, भुगतान पत्र तैयार किए गए।
- वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के 166 निविदाओं के सापेक्ष 43 निविदा पत्रावलियां ही मंडल कार्यालय में उपलब्ध हैं। शेष पत्रावलियां अग्नि दुर्घटना में जला दी गई हैं।
- 54 ऐसे टेंडर ई-निविदा पोर्टल पर प्रकाशित नहीं है लेकिन संदर्भित कार्यदायी संस्था द्वारा विभागीय अधिकारी/कर्मचारी से मिलीभगत करके अनुबंध कर विभाग को वित्तीय हानि पहुंचाई गई।
असीमित अधिकारों का किया दुरुपयोग
दो वर्ष पूर्व अधीक्षण अभियंताओं को टेंडर का असीमित अधिकार दे दिए गए थे। असीमित वित्तीय अधिकारों का अपने चहेती फार्मो को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य हुए। अवैध एवं कूटनीति प्रयोग कर विभाग को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई गई।
इन फर्म को दिए गए टेंडर
- मैसर्स रघुवीर कांट्रेक्टर 6.50 करोड़ रुपये
- मैसर्स न्यूटेक इलेक्ट्रिक्लस 5.76 करोड़ रुपये
- मां दुर्गा कंस्ट्रक्शन 4.38 करोड़ रुपये
- मैसर्स आरएस एंटरप्राइजेज 3.88 करोड़ रुपये
- मै. शिवा इंटरप्राइजेज 3.15 करोड़ रुपये
- मै. कृष्णा इलेक्ट्रीकल्स एंड कांट्रेक्टर्स 1.77 करोड़ रुपये
- श्रीमहाकाल इंटरप्राइजेज 1.45 करोड़ रुपये
- मै. सीडीआरएम पावर प्रा. लि. 1.24 करोड़ रुपये
- मैसर्स चौहान इंटरप्राइजेज 72.51 लाख रुपये
- मै. रिषी इंटरप्राइजेज 44.31 लाख रुपये
आंतरिक जांच में फतेहाबाद मंडल कार्यालय में टेंडरों में गड़बड़ी सामने आई है। दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कपिल सिंधवानी, मुख्य अभियंता, डीवीवीएनएल |
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