फाइल
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने आनुषांगिक संगठनों के जरिए अब हिंदुत्व की जड़ों को और मजबूत करेगा। अपने सात दिवसीय प्रवास के तहत शुक्रवार को संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने आनुषांगिक संगठनों के शीर्ष अधिकारियों से वार्ता की।
अलग-अलग सत्र में उन्होंने अलग-अलग संगठनों से वार्ता में कहा कि संघ के प्रकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। तीन सत्रों में हुई बैठक में संघ के प्रमुख प्रकल्पों से लोगों को जोड़ने के लिए सभी को अपनी कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
समाज से जुड़े हर कार्य में और तेजी लाएं, हिंदुओं को संगठित करने की भी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक को लेकर संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत चार जनवरी से वृंदावन के केशवधाम में प्रवास पर हैं। अलग-अलग दिनों में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मंथन किया।
संघ प्रमुख विभिन्न प्रकल्पों के शीर्ष पदाधिकारियों से किया संवाद
शुक्रवार को संघ प्रमुख ने संगठन के विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। सुबह दस बजे से शुरू हुए पहले सत्र में उन्होंने कहा कि हिंदुओं को आपस में जोड़ने और उन्हें संगठित करने के लिए आनुषांगिक संगठनों की बड़ी भूमिका है। वह हिंदुओं को समझाएं कि बिखरने से नुकसान होगा। उन्हें संगठित करें और मजबूत बनाएं। संघ प्रमुख ने शिक्षा प्रकल्प पर कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा देना हमारा दायित्व है। इस प्रकल्प को और मजबूती से चलाना है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार और तेज किया जाए।
संघ की विचारधारा से अधिक लोग जोड़ने का प्रयास
इसी के साथ स्वास्थ्य प्रकल्प पर भी जोर दिया और निश्शुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन अधिक करने को कहा। गांवों में स्वच्छता अभियान, जैविक खेती का प्रशिक्षण और ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने की दिशा में भी कार्य बेहतर करने को कहा गया। कहा कि संघ की विचारधारा से अधिक से अधिक लोग जुड़ें, इसके प्रयास किए जाएं।
इस तरह करें संवाद
संघ प्रमुख ने सामाजिक समरसता लाने के लिए जाति, भाषा, क्षेत्रीय भेदभाव मिटाने के लिए लोगों से अधिक संवाद करने को भी कहा। समरसता भोजन, संपर्क अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करने की बात कही। इसके साथ ही आपदा राहत प्रकल्प की भी संघ प्रमुख ने समीक्षा की। प्राकृतिक आपदाओं में राहत और पुनर्वास कार्य में और अच्छे प्रयास करने को कहा। औपचारिक रूप से अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक का समापन शाम के सत्र में कर दिया गया। |
|