भागलपुर में जाने-माने विरिष्ठ चिकित्सक डा. डीपी सिंह।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर समेत आसपास के 14 जिलों से जो मरीज हमारे पास इलाज कराने आते हैं, उनमें 30 प्रतिशत मरीज दूषित जल के सेवन से बीमार होकर आते हैं। जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आती है, उससे इस बात की पुष्टि होती है। हम कह सकते हैं कि पानी के कारण हमारे इलाके के लोग अधिक बीमार होते हैं। ये बातें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल के रेस्पिरेटरी विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. डा. डी पी. सिंह ने कहीं। मौका था दैनिक जागरण के हैलो डाक्टर कार्यक्रम का। शुक्रवार को वे लोगों को दूषित जल के सेवन से होने वाली बीमारियों को लेकर उनके सवालों के जवाब देने पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने डा. सिंह से दर्जनों सवाल पूछे। पेश हैं कुछ महत्वपूर्ण
सवाल और उनके जवाब
- प्रश्न – जल मीनार से जो आपूर्ति हो रही है, क्या वह स्वास्थ्य के लिए सही है। दूषित जल से क्या रोग हो सकते हैं। -दीपक कुमार, मोहनपुर, नाथनगर
- उत्तर – शुद्ध जल का सेवन करें। आप जो पानी पी रहे हैं, वह कितना शुद्ध है, इसकी जांच करें। जल की गुणवत्ता का ध्यान रखें। यदि दूषित जल का सेवन करते हैं तो इससे पेट की बीमारियां होती हैं। इसमें बार-बार पेट खराब होना, टायफाइड समेत अन्य रोग शामिल हैं। बरसात के दिनों में यह परेशानी अधिक होती है। यदि यह रोग बार-बार हो रहा है तो सतर्क हो जाएं और अपने पानी की गुणवत्ता की जांच कराएं। बेहतर होगा कि आप पानी को फिल्टर करके सेवन करें।
- प्रश्न – दूषित पानी के सेवन से कौन-कौन से रोग हो सकते हैं। -उत्तम कुमार, हनुमाननगर
- उत्तर – दूषित जल के सेवन से पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इसमें दस्त, टायफाइड, जॉन्डिस, हेपेटाइटिस ए और ई शामिल हैं। ये रोग गंदे पानी की आपूर्ति से हो सकते हैं। यदि पानी में फ्लोराइड है तो दांत पीले हो जाते हैं। यदि पानी में आर्सेनिक है तो त्वचा कैंसर होने की संभावना होती है। ऐसे में लोगों को इन रोगों से बचाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाना होगा। यदि पानी गंगा नदी से आ रहा है तो उसमें नालों का गंदा पानी नहीं मिलना चाहिए। गंगा में पानी छोड़ना है तो उसे शुद्ध करके ही छोड़ा जाए।
- प्रश्न – हमारे मोहल्ले के पानी में टीडीएस 750 है। इससे क्या रोग हो सकते हैं। -राजीव कुमार, तिलकामांझी
- उत्तर – यदि पानी खराब है तो गैस, पेट खराब समेत अन्य रोग हो सकते हैं। ऐसे पानी का सेवन करने से पहले उसे फिल्टर कर लेना चाहिए।
- प्रश्न – नल का पानी अच्छा होता है या फिल्टर का। -पार्वती कुमारी, भीम सिटी, भागलपुर
- उत्तर – कोई भी पानी पीया जा सकता है, बस यह ध्यान रखें कि वह शुद्ध हो। जो पानी नल से आपके घर में आ रहा है, वह शुद्ध है या नहीं, इसकी जांच करें। यदि पानी दूषित है तो उसे फिल्टर करके ही सेवन करें। यदि पाइपलाइन खराब है या उसमें लीकेज है, जिससे गंदा पानी मिल रहा है, तो सतर्क हो जाएं। ऐसे पानी का सेवन बिना शुद्ध किए न करें।
- प्रश्न – दांत पीले हो रहे हैं और बाल भी गिर रहे हैं। क्या यह पानी के कारण हो रहा है। -रेणु बाला सिन्हा, पटल बाबू रोड, भागलपुर
- उत्तर – पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से यह परेशानी होती है। इससे हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। ऐसे पानी को फिल्टर करने के बाद ही सेवन करें, इससे आपकी समस्या का समाधान होगा।
- प्रश्न – हमारे इलाके में जॉन्डिस से लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। क्या यह पानी के कारण हो रहा है। -श्याम सुंदर, गंगटी
- उत्तर – दूषित जल के सेवन से यह परेशानी होती है। खराब पानी आंतों को दूषित कर देता है, जिससे यह समस्या होती है। ऐसे में लोगों को पानी शुद्ध करके पीने की सलाह दें।
- प्रश्न – दूषित जल के सेवन से क्या लीवर और किडनी के रोग हो सकते हैं। -पतंजलि कुमार, बोस पार्क, महात्मा गांधी मार्ग
- उत्तर – दूषित जल का लगातार सेवन करने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इसमें क्रॉनिक डिजीज की समस्या भी हो सकती है, जिससे किडनी और लीवर प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा दांत और हड्डियों में भी परेशानी आ सकती है।
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