सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, भागलपुर। मुंगेर से मिर्जाचौकी तक 125 किलोमीटर लंबा निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड फोरलेन एनएच 80 का नाम बदल जाएगा। यह फोरलेन सड़क एनएच 33 के नाम से पहचाना जाएगा। तीन साल पहले 2023 में जब फोरलेन का काम शुरू हुआ था तो इसका नाम एनएच 80 किया गया था।
अब इसके नाम का फेरबदल कर एनएच 33 किया गया है। सड़क का निर्माण चार हिस्सों में शुरू हुआ था। लेकिन सड़क बनाने वाली कार्य एजेंसी और एनएचएआइ के अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली की वजह से परियोजना निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सकी।
2024 तक तैयार होने वाले भागलपुर में बन रहे 98 किलोमीटर का फोरलेन जून तक चालू कर दिया जाएगा। मुंगेर से शुरू होने वाला यह ग्रीनफील्ड खड़िया पिपरा गांव तक 26 किलोमीटर में बन रहा है। जिसकी लागत 981 करोड़ है। अगस्त 2024 तक पैकेज का निर्माण पूरा होना था।
अब जून 2026 में काम पूरा होगा। करीब 65 प्रतिशत ही काम हो पाया है। पैकेज-टू में खड़िया गांव से भागलपुर बाइपास के पुरानी सराय तक 29 किलोमीटर की सड़क बन रही है। मार्च 2024 तक इसमें काम पूरा होना था। 85 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। जिसे मार्च तक शुरु कर दिया जाएगा।
पैकेज-3 में चौधरीडीह से रसलपुर के बीच 32 किलोमीटर में सड़क बन रही है। 1012 करोड़ की लागत से बनने वाले इस हिस्से के फोरलेन का काम करीब 65 प्रतिशत हो चुका है। अप्रैल 2024 में पूरा होने वाला काम अब जून 2026 तक होने की संभावना है।
पैकेज-4 का काम 73 फीसदी हो गया है। रसलपुर से मिर्जाचौकी तक सड़क बन रही है। 36 किलोमीटर में फोरलेन का काम 892 करोड़ से हो रहा है। पैकेज-4 का काम अगस्त 2024 तक पूरा होना था। अब जून 2026 तक काम पूरा करने की बात कही जा रही है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा। |
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