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Air Ambulance Crash: जोरदार धमाके से कांप उठा झारखंड का सिमरिया, जंगलों के बीच मौत से जूझती जिंदगी

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जोरदार धमाके से कांप उठा झारखंड का सिमरिया, जंगलों के बीच मौत से जूझती जिंदगी



जागरण संवाददाता, चतरा। सिमरिया के घने जंगलों में सोमवार की रात अचानक गूंजे तेज धमाके ने सन्नाटा तोड़ दिया। गगनभेदी आवाज इतनी भयावह थी कि आसपास के गांवों के लोग सहम उठे और तुरंत अनहोनी का अंदेशा होने लगा। चूंकि कुछ समय पहले हवा में तेज गति से चक्कर काटते हुए हवाई जहाज देखी गई थी।

इसी क्रम में खबर फैल गई कि काशीआतु के टोला कर्मकांड के पथलपनिया जंगल की ओर कोई बड़ा हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने बिना देर किए टार्च, लाठी और दूसरे जो भी साधन उपलब्ध थे, लेकर घटनास्थल की ओर निकलना शुरू कर दिया। लेकिन रास्ता आसान नहीं था।

घनघोर जंगल, ऊबड़-खाबड़ पगडंडियां और अंधेरा हर कदम पर खतरे का एहसास हो रहा था। ऊपर से तेज हवा और वर्षा की बूंदें हो रही थी। लोगों को जंगली जानवरों का भी डर सता रहा था, फिर भी इंसानियत के जज्बे ने डर पर जीत हासिल की।

कसारी पंचायत की मुखिया सुनीता देवी के पति उगन भुइयां ने बताया घटना स्थल तक पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लग गया। रास्ते में कई जगह झाड़ियां थीं, जिससे आगे बढ़ना बेहद मुश्किल हो रहा था। जैसे-जैसे लोग आगे बढ़ते गए, पेट्रोल की गंध मिलते गई।

करीब तीन सौ ग्रामीणों की बड़ी टोली ने अलग-अलग टीम बनाकर खोज अभियान शुरू किया। कोई टार्च लेकर इधर-उधर तलाश कर रहा था तो कोई घायल या जीवित व्यक्ति की आवाज सुनने की कोशिश कर रहा था। हर चेहरे पर चिंता और बेचैनी साफ झलक रही थी। इस पूरे अभियान का नेतृत्व मुखिया पति ने संभाले हुए थे। इसी क्रम में गांव वालों ने सिमरिया थाने को सूचना दी।

ग्रामीणों ने भी पूरी एकजुटता के साथ मुखिया पति का साथ दिया। उगन बताते हैं कि जंगल की खामोशी के बीच जब-जब किसी के कदमों की आहट या टार्च की रोशनी दिखती, उम्मीद की एक किरण जागती, लेकिन हादसे का मंजर बेहद दर्दनाक था। फ्यूल का गंध जब अधिक मिलने लगा, तो उम्मीद की किरण जागी।

कुछ दूरी पर एयर एंबुलेंस के पंखा गिरा मिला। दूसरी अन्य टीमों को पास बुला लिया। फिर करीब पचास मीटर की दूरी पर इंजन का एक बड़ा हिस्सा बिखरा हुआ। अनहोनी की आशंका अब विश्वास में बदल गया और कुछ ही दूरी पर रेडवर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का मलबा बिखरा हुआ था।

गांव वालों ने तुंरत इसकी सूचना अधिकारियों को दी। ग्रामीण रितेश कुमार यादव एवं कमलेश यादव ने बताया कि जब तक ग्रामीण वहां पहुंचे, तब तक सातों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने घटना के बाद स्थल को खोजने में ढाई से तीन घंटा का समय लगा। मलबे के बीच बिखरे सामान और अवशेष देखकर हर कोई स्तब्ध था।

राजू यादव एवं सोनू उरांव ने बताया कि क्रैश की आवाज इतनी तेज थी कि पांच से दस किलोमीटर तक सुनाई दी थी। कुछ देर के बाद उपायुक्त कीर्तिश्री जी, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल एवं दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी राहत और बचाव दल के साथ पहुंचा।

ग्रामीणों ने बताया कि पायलट ने बहुत चालाकी से फ्यूल को गिरा दिया। यदि जहाज में फ्यूल भरा रहता, तो पूरा जंगल जल जाता। बताते चलें कि चंदवा के एक मरीज को दिल्ली ले जाने के क्रम में यह घटना हुई। एयर एंबुलेंस पर कुल सात लोग सवार थे और सातों के सातों इस हादसा में मौत के शिकार हो गए।
मृतकों के नाम व पता

  • अर्चना कुमारी (36) पति- संजय प्रसाद, ग्राम- सरोजनगर, थाना-चंदवा, जिला-लातेहार
  • सचिन कुमार मिश्रा (22) पिता- जितेंद्र मिश्रा, ग्राम- भाटी कचमार, थाना- रघुनाथपुर, जिला- सिवान (बिहार)
  • ⁠डॉ. विकास गुप्ता (32) पिता-बजरंगी प्रसाद, ग्राम- मैनका, थाना-मदनपुर, जिला औरंगाबाद (बिहार)
  • ⁠संजय प्रसाद (42) पिता-स्वर्गीय रामेश्वर साव, ग्राम- सरोजनगर, थाना- चंदवा, जिला लातेहार
  • ⁠धूर्व कुमार (17) पिता- दिनेश प्रसाद, ग्राम तेसरा, जिला-लातेहार।
  • ⁠पायलट-विवेक विकास भगत (32) पिता-देवशरण भगत, ग्राम- डीही मुरुप, जिला लातेहार
  • ⁠सहायक पायलट- साबरदीप सिंह (30) पिता-अमरीक सिंह ग्राम-गोविंदनगर सुल्तानबिंद रोड अमृतसर (पंजाब)
  
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