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कामदेव को वरदान देने पर शिवजी ने ब्रह्मा जी को लगाई थी फटकार : जया मिश्रा
संवाद सूत्र, कहलगांव (भागलपुर)। कहलगांव नगर में उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में जया मिश्रा का प्रवचन हो रहा है। नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचिका जया मिश्रा ने भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा के बीच के एक ऐसे प्रसंग को सुनाया, जिसे सुन सभी स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा जी को एक बार शिवजी ने फटकारा था। शिवजी ने कहा कि आप सृष्टि के जन्मदाता है, आप ऐसी चूक कैसे कर सकते हैं।
जय मिश्रा ने रुद्र संहिता की कथा एवं सती प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कामदेव को वरदान देने पर शिवजी ने ब्रह्मा जी को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना करने पर उनके दस पुत्र उत्पन्न हुए, जिन्हें उन्होंने मानस पुत्र के रूप में स्वीकार किया। इसके पश्चात ब्रह्मा जी ने पुत्र कामदेव को ऐसा वरदान दिया कि जिस पर भी प्रहार करोगे वह तुम्हारे वश में आ जाएगा।
कामदेव द्वारा वही बाण अनजाने में ब्रह्मा जी पर चला देने से उनकी पुत्री संध्या के प्रति विकार उत्पन्न हो गया। इस स्थिति से व्याकुल होकर सभी देवताओं ने भगवान शिव का आवाहन किया। शिव जी ने प्रकट होकर ब्रह्मा जी को फटकार लगाई, जिससे वे लज्जित हुए और कामदेव को तीसरे नेत्र से भस्म होने का श्राप दिया।
बाद में शिव जी ने कामदेव को कृष्ण अवतार में प्रद्युम्न के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। कथा के अंत में सती प्रसंग अंतर्गत पार्वती जन्मोत्सव की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। मंच संचालक केशव कुमार मिश्र, मुख्य यजमान पप्पू यादव, उनकी धर्मपत्नी बबिता देवी, दिलीप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त पंडाल में उपस्थित रहे। |
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