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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, पौड़ी: जिला मुख्यालय पौड़ी से सटे गढ़वाल वन प्रभाग के नागदेव रेंज स्थित डोभाल ढांडरी गांव व आसपास के क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना गुलदार ढेर हो गया है। वन विभाग की टीम ने लगातार निगरानी कर बुजुर्ग महिला पर हमला करने वाले गुलदार को चिन्हित किया था। विभाग की टीम ने गुलदार को मार गिराया है।
गढ़वाल वन प्रभाग के नागदेव रेंज स्थित डोभाल ढांडरी गांव की भगवान देवी (62) बीते 21 नवंबर 2024 को अपनी बड़ी बहन प्रेम देवी के साथ गांव के समीप थलधार तोक में घास काटने गई थी। जहां घास काटते समय घात लगाए गुलदार ने भगवान देवी पर हमला कर दिया था।
बड़ी बहन के शोर मचाने और घटना स्थल की ओर ग्रामीणों को आता देख गुलदार भाग खड़ा हुआ था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद 25 नवंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इस बीच क्षेत्र के ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन किया।
वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड ने अंतिम विकल्प के रूप में गुलदार को मारने का आदेश दिया था। प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा गुलदार को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए क्षेत्र में पांच पिंजरे, 15 कैमरा ट्रैप, चार लाइव सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। बताया कि पदचिह्नों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। ट्रैंक्युलाइजेशन के लिए सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग तथा राजाजी नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग लिया गया।
उन्होंने बताया कि सभी वैकल्पिक प्रयास विफल रहने और गुलदार की निरंतर आवाजाही से भविष्य में जनहानि की आशंका को देखते हुए, उच्च स्तर से प्राप्त अनुमति के तहत बीते आठ जनवरी की रात 10:15 बजे विभागीय टीम द्वारा ग्राम ढांडरी क्षेत्र में चिन्हित गुलदार को मार गिराया।
डीएफओ यादव ने बताया कि पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत गुलदार का पोस्टमार्टम किया गया। यह नर गुलदार था, जिसकी आयु लगभग 10 वर्ष है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि जनपद में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गुलदार हमले की इस गंभीर घटना के बाद वन विभाग, प्रशासन और विशेषज्ञ टीमों द्वारा सभी वैकल्पिक उपाय अपनाए गए। परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में की गई। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या वन विभाग को दिए जाने की अपील की है।
यह थी वन विभाग की टीम
ढांडरी क्षेत्र में एसडीओ आयशा बिष्ट की निगरानी में विभागीय टीम तैनात थी। इनमें वन क्षेत्राधिकारी नागदेव रेंज दिनेश नौटियाल, वन दरोगा राकेश सिंह रावत, अरविन्द कुमार, अनिल नेगी, वन आरक्षी रविन्द्र कुमार, नवीन सिंह रावत, पदमेन्द्र सिंह रौथाण, तेजपाल सिंह नेगी, सुखदेव नेगी, सुभाष चन्द्र, आशीष कुमार, शराफत अली शामिल रहे।
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