कवर्धा में 26,000 क्विंटल धान का गायब, क्या है असली खेला?
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपको लगता था कि बड़ी चोरियों को सिर्फ बैंक लॉकर में ही अजाम दिया जा सकता है तो हो सकता है शायद आप गलत हों। दरअसल छत्तीसगढ़ के कवर्धा से ऐसी खबर आई हैं जो आपको मन बदलने पर मजबूर कर सकती है।
यहां, आरोपी कोई नकाबपोश आदमी नहीं हैं, बल्कि चूहे, दीमक और कीड़े हैं। मार्केटिंग विभाग की टीम ने इसपर बाकायदा स्पष्टीकरण भी दिया है। उन्होंने ये भी बताया है कि बताया कि सरकारी खरीद स्टॉक से 26,000 क्विंटल धान कैसे गायब हो गए? आइये समझते हैं पूरा माजरा क्या है?
कवर्धा में 26,000 क्विंटल धान गायब
यह रकम छोटी नहीं है, लगभग 3,100 रुपये प्रति क्विंटल (MSP + बोनस) के हिसाब से पूरे धान की कीमत 8 करोड़ रुपये से ज्यादा है। अब कबीरधाम में एक सीधा सवाल पुछा जा रहा है कि क्या यह अनाज खाने वाले कीड़ों की समस्या थी या कागजों में किया गया घोटाला?
यह मामला कबीरधाम जिले के बाजार चरभट्टा और बघार्रा खरीद केंद्रों से जुड़ा है। यहां 2024-25 सीजन के दौरान किसानों से खरीदा गया धान स्टोर किया गया था। दोनों केंद्रों में धानों की कुल कमी 26,000 क्विंटल है।
अधिकारियों ने चूहों, दीमकों को बताया जिम्मेदार
इस मामले में बाजार चरभट्टा केंद्र के इंचार्ज के खिलाफ एक उच्च-स्तरीय शिकायत दर्ज की गई है, जहां सबसे बड़ी गड़बड़ी पाई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अकेले उस केंद्र में लगभग 5 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।
शिकायत में सिर्फ कमी की बात नहीं है, बल्कि यह एक सिस्टमैटिक ऑपरेशन, धान की आवक/जावक के जाली रिकॉर्ड, धान खरीदने के लिए दिखाए गए नकली बिल, मजदूरों की हाजिरी में हेराफेरी और सबसे चौंकाने वाली बात, CCTV से छेड़छाड़ की ओर इशारा करती है।
जिला मार्केटिंग अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने पुष्टि की कि खरीद प्रभारी, प्रितेश पांडे को हटा दिया गया है। लेकिन स्टॉक गायब होने के बारे में उनके स्पष्टीकरण पर विश्वास करना मुश्किल है। अब इस मामले पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि मौसम के संपर्क में आने और चूहों, दीमकों और कीड़ों से हुए नुकसान के कारण कमी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य भर के 65 खरीद केंद्रों की तुलना में कबीरधाम की स्थिति काफी अच्छी है।
नकली बिल, CCTV छेड़छाड़ की उच्च-स्तरीय जांच
सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू, जो शिकायत की जांच कर रहे हैं उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है। शुरुआती निष्कर्ष शिकायत का समर्थन करते हैं।
शिकायत में स्टॉक की आवक, भूसी की आवक, आने-जाने वाले स्टॉक में हेराफेरी और CCTV बंद किए जाने की बात कही गई है। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाई गई है।\“ उन्होंने आगे कहा कि 23 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है और अंतिम निष्कर्षों के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
इस मुद्दे के सामने आने के बाद, कांग्रेस ने DMO कार्यालय के बाहर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें करोड़ों रुपये के धान को कीड़ों द्वारा खाए जाने के दावे का मज़ाक उड़ाने के लिए चूहेदानी ले जाई गईं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से अधिकारियों को एक चूहेदानी भेंट की और उच्च-स्तरीय जांच और तत्काल FIR की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने मिलीभगत का आरोप लगाया और दावा किया कि ज़िम्मेदार लोगों को बचाने के लिए दबाव था, जिसमें राजनीतिक समर्थन भी शामिल था।
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