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रेडियो यूनिट के पकड़े गए अपराधी। जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देश भर से चोरी किए मोबाइल टावरों के उपकरण रेडियो रिमोट यूनिट की खरीद-बिक्री करने के आरोप में एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसकी निशानदेही पर दो करोड़ रूपये मूल्य के चोरी के 130 रिमोट रेडियो यूनिट बरामद किए गए हैं।
उक्त रिमोट रेडियो यूनिट ये दुबई में अपने साथी को स्क्रैप के तौर पर एक्सपोर्ट करने की योजना बना रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से क्राइम ब्रांच ने कई राज्यों में रिमाेट रेडियो यूनिट चोरी के 60 मामले सुलझाने का दावा किया है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच के मुताबिक चोरी के मोबाइल टावर उपकरणों की खरीद-बिक्री में शामिल अंतरराज्यीय सिंडिकेट के जिस मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम आफताब उर्फ रेहान (इंदिरा विहार, गोकलपुरी) व उसका साथी रबनवाज उर्फ बाबी (शाहदरा) है।
मोबाइल टावरों में इस्तेमाल होने वाले रेडियो रिमोट यूनिट बहुत महत्वपूर्ण और महंगे कंपोनेंट होते हैं, इनमें प्रत्येक की कीमत लगभग 1.5 लाख है। मोबाइल टावर के रिमोट रेडियो यूनिट महत्वपूर्ण इंस्टालेशन हैं, इनकी चोरी से टेलीकाम सर्विस प्रोवाइडर्स को काफी रुकावट और वित्तीय नुकसान होता है, जिन्हें सेवाओं को बहाल करने के लिए उपकरणों को फिर से इंस्टाल करना पड़ता है।
देश भर में मोबाइल टावरों से आरआरयू की बड़े पैमाने पर चोरी के बारे में जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच ने कई महीने तक जांच में जुटी रही। जांच से पता चला कि चोरी के आरआरयू को ट्रांस-यमुना इलाके में स्टोर और बेचा जा रहा है।
वहां इसका इस्तेमाल ट्रांजिट और स्टोरेज हब के रूप में किया जा रहा है। 26 दिसंबर को एसीपी रमेश लांबा की टीम को पता चला कि आफताब मलिक नाम का शख्स गिरोह का सरगना है जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में काम करने वाले अपराधियों से चोरी के आरआरयू खरीदता था और उन्हें शाहदरा के एक गोदाम में स्टोर करता था।
बाद में महिपालपुर में रहने वाले एक ट्रांसपोर्टर के जरिए उन्हें दुबई एक्सपोर्ट करने का इंतजाम कर रहा था। वह उसे स्क्रैप का सामान बताता था। एक्सपोर्ट के लिए टाटा 407 गाड़ी में एक बड़ी खेप ले जाने की जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को धौलाकुआं से गिरफ्तार कर लिया। गाड़ी से 130 चोरी के आरआरयू बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी के आरआरयू उन्होंने अपने साथियों से लगभग 90 हजार प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदे थे। इसके बाद, उन्होंने इन आरआरयू को ट्रांसपोर्टर के निर्देशानुसार पैक किया और कस्टम क्लीयरेंस के लिए सामान को स्क्रैप दिखाने वाले जाली चालान भी लगाए।
सत्यापन से पता चला कि आफताब मलिक बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश में 10 ऐसे ही मामलों में शामिल था, जिसके कारण उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ के बाद उसके साथी रबनवाज को पाबंद कर लिया गया।
बरामद आरआरयू का एयरटेल के प्रतिनिधियों से वेरिफिकेशन कराया गया, जिन्होंने पुष्टि की कि 60 आरआरयू दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड और मध्य प्रदेश में टेलीकाम इंस्टालेशन से चोरी किए गए थे। पुलिस ने टाटा 407 गाड़ी भी जब्त कर ली है।
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