शरद पवार और अजित पवार आए साथ-साथ
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार ने चाचा शरद पवार के साथ सभी मनमुटाव खत्म होने की बात कही है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में अजित पवार ने कहा, \“दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं।\“
अजित पवार ने कहा, \“दोनों एनसीपी गुट अब एक साथ हैं। हमारे परिवार में सभी तनाव समाप्त हो गए हैं।\“ एनसीपी के दोनों गुटों ने पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनाव के लिए मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
दो साल पहले पड़ी फूट
दिग्गज राजनेता शरद पवार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एनसीपी पार्टी की नींव साल 1999 में रखी थी। लेकिन दो साल पहले शरद पवार के भतीजे अजित पवार के विद्रोह के बाद पार्टी में फूट पड़ गई।
अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट ने एनडीए के साथ गठबंधन करने का फैसला लिया। इससे अजित पवार को उपमुख्यमंत्री का पदभार मिला। अजित पवार ने एनसीपी का पार्टी नाम और \“घड़ी\“ चिन्ह अपना लिया, जबकि शरद पवार के गुट को नया नाम एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और नया चिन्ह, तुरही मिला।
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