प्रदेश कांग्रेस राजनीतिक मामलों की समिति में अंकिता हत्याकांड के मुद्दे पर विरोध तेज करने की बनी रणनीति. File Photo
अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उठी सियासी लहर में भाजपा की घेराबंदी को कांग्रेस आगे भी पुरजोर तरीके से जारी रखेगी। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने की रणनीति पर मंथन हुआ। यह तय किया गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश की भाजपा सरकार और सत्ताधारी दल के विरुद्ध गुटबंदी को किनारे रखकर एकजुट होकर संघर्ष तेज करेंगे।
राजपुर रोड स्थित मधुबन होटल में हुई इस बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड व मनरेगा को लेकर भाजपा सरकार के विरुद्ध सड़कों पर संघर्ष तेज करने पर सहमति बनी। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत के साथ प्रयास करना होगा।
लिए संगठन को हर स्तर पर सक्रिय होना पड़ेगा। जिला इकाइयों से लेकर ब्लाक व बूथ इकाइयों को जनता के बीच मुद्दों को उठाना है। विशेष रूप से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर 11 जनवरी को प्रस्तावित बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकेगी। यह भी तय किया गया कि इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं देगी। प्रदेश सरकार के विरुद्ध एंटी इनकंबेंसी का वातावरण बनाया जाएगा।
यह भी तय किया गया कि सरकार पर ठोस रणनीति के साथ आगामी दिनों में आक्रमण तेज किया जाएगा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर नए सिरे से भाजपा को घेरने का प्लान तैयार किया है। बैठक में पार्टी का जनाधार मजबूत करने पर मंथन किया गया। साथ ही प्रांतीय कार्यकारिणी को लेकर भी चर्चा की गई। नयी प्रांतीय कार्यकारिणी का आकार छोटा रखा जाएगा।
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