चरम पर यूरिया की कालाबाजारी
संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद की भारी किल्लत और खुलेआम हो रही कालाबाजारी से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। सरकारी दर 266 रुपये प्रति बोरी वाला यूरिया बाजार में 350 से 400 रुपये तक में बेचा जा रहा है, लेकिन इस पर विभाग का कोई प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है।
बाजार के प्रमुख लाइसेंसधारी दुकानों से यूरिया पूरी तरह गायब हो चुका है, जबकि छोटे दुकानों पर चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर बिक्री जारी है।
आधार कार्ड दिखाने के बावजूद लिए ज्यादा पैसे
थाना कॉलोनी निवासी किसान मंतरी मंडल ने बताया कि बाजार क्षेत्र के सिरांय मोहल्ले स्थित एक खाद दुकान से उन्हें आधार कार्ड दिखाने के बावजूद 84 रुपये अधिक देकर 350 रुपये में यूरिया खरीदना पड़ा।
किसानों का कहना है कि यूरिया की कमी के कारण सरसों और गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। यह समस्या हर वर्ष सामने आती है, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
किसानों ने मांग की है कि खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इधर बीडीओ हर्ष परासर ने मामले की जांच कराने की बात कही |
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