LHC0088 • Yesterday 11:57 • views 597
सीमेंटेड टैंक पर नही था स्लैब, गेंद निकाले के दौरान गिर दोनों। जागरण
संवाद सूत्र, खड्डा। घर के समीप खेल रहे दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना तब हुई जब उनकी गेंद पड़ोसी द्वारा नाली के पानी के लिए बनाए गए पांच फीट गहरे सीमेंटेड टैंक में चली गई और दोनों उसको निकालने का प्रयास कर रहे थे। डूबने की जानकारी तब हुई जब गृह स्वामिनी उर्मिला पानी के लिए नल पर गईं, एक बच्चे का शव पानी में उतराया देख शोर मचाईं।
जुटे आसपास के लोगों ने शव को निकाला। इस बीच दूसरे बच्चे की भी तलाश शुरू हुई। संदेह के आधार पर पानी भरे टैंक में तलाश की गई तो पानी में उसका भी शव मिला। दोनों परिवारों में दुख का पहाड़ टूट पड़ा। इस लोमहर्षक घटना को लेकर पूरा गांव मातम में डूब गया है।
घटना गुरुवार की दोपहर बाद खड्डा थाना के गांव भुजौली के पोखरा टोला की है। एसडीएम राजवीर सिंह व एसएचओ थाना खड्डा गिरिजेश उपाध्याय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने बताया कि मृत्यु डूबने से होने की बात स्वजन कह रहे हैं। एहतियातन पोस्टमार्टम भी कराया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लगभग 15 वर्ष पूर्व ग्रामवासी रामरूप ने पांच फीट गहरा सीमेंटेड पानी का टैंक बनवाया था। इसमें उनके नल व नाली का पानी जाता है। घटना के दिन रामायण का चार वर्षीय पुत्र आर्यन व पड़ोसी दीपलाल सिंह का ढाई वर्षीय पुत्र मयंक घर के समीप खेल रहे थे।
यह भी पढ़ें- कुशीनगर में बोदरवार से सिधावल मार्ग का होगा चौड़ीकरण, 31 करोड़ रुपये स्वीकृत
इस दौरान उनकी गेंद सोमने रामरूप के इसी खुले पानी के टैंक में जा गिरी। स्वजन द्वारा आशंका जताई जा रही है कि पानी पर तैरती गेंद निकालने के प्रयास के दौरान दोनों बच्चे गिरे होंगे और डूबने से उनकी मृत्यु हुई होगी। दूसरी ओर घटना के बाद रामरूप का परिवार घर
माता-पिता की इकलौती संतान थे मयंक और आर्यन
पानी से भरा पांच फीट गहरा खुला टैंक, नाली और टैंक का पानी बिल्कुल बराबर, मासूम बच्चे आर्यन और मयंक की समझ से परे था। स्लैब होता तो उनकी जान नहीं जाती। मयंक की मां गीता देवी और आर्यन की मां पुनिता देवी की कोख सुनी नहीं होती। |
|