प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर में जाम कम करने में चाैराहे भी याेगदान देंगे इसके लिए 50 चौराहों का चौड़ीकरण किया जाना है, उसी के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) को विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी दी है।
शासन ने इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत चौराहों को चौड़ा करने का प्रस्ताव हाल ही में स्वीकृत किया था। इस पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शहर के अंदर चौराहों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इन सभी चौराहों पर उसकी उपलब्ध भूमि के अनुसार स्टैचू लगेंगे। स्टैचू का आकार अलग-अलग रहेगा। चारों तरफ लेफ्ट टर्न फ्री रखा जाएगा। आसपास का अतिक्रमण हटाया जाएगा।
आसपास के विद्युत पोल व सभी प्रकार के उपकरण भूमिगत किए जाएंगे। दरअसल चौराहों पर लेफ्ट टर्न लेन न होने के कारण वाहनों को देरी तक रुकना पड़ता है। हर तरफ अतिक्रमण है इससे वाहनों को बाईं तरफ निकलने में भी समस्या होती है। कई चौराहों पर सड़क के बिल्कुल करीब ही खंभे खड़े हैं या फिर ट्रांसफार्मर रखा है, उससे भी सुचारू यातायात में बाधा उत्पन्न होती है।
गोल चक्कर का आकार बदला जाएगा। बच्चा पार्क, तेजगढ़ी, हापुड़ अड्डा व कमिश्नर आवास चौराहे पर ई-रिक्शा के लिए आरक्षित स्थान रहेगा। चौराहे से 100 मीटर दूर ई-रिक्शा खड़े हो पाएंगे। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि चौराहों का विकास कार्य प्राथमिकता पर किया जाना है। एक महीने के अंदर डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है।
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चार चौराहों का पहले ही हो चुका है टेंडर
हापुड़ अड्डा चौराहा, बच्चा पार्क, तेजगढ़ी व कमिश्नरी आवास चौराहा का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए टेंडर पहले से ही हो चुका है। इन दौराहों का कार्य अब गति पकड़ेगा। |
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