नई दिल्ली। भारत की कोल सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत कुकिंग कोल आईपीओ (BCCL IPO) साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ लेकर आ रही है। यह तीन दिन का पब्लिक इश्यू शुक्रवार, 9 जनवरी को खुलेगा और मंगलवार, 13 जनवरी को बंद होगा। बीसीसीएल, Coal India से जुड़ी कंपनी है।
आईपीओ से पहले कंपनी ने 8 जनवरी को एंकर निवेशकों से 273.13 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें LIC सबसे बड़ा एंकर निवेशक बनकर उभरा, जिसने 78 करोड़ रुपये के 3.39 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे। वहीं निप्पॉन इंडिया म्यूचअल फंड और बंधन म्यूचअल फंड ने 75-75 करोड़ रुपये के 3.26 करोड़ शेयर खरीदे हैं।
BCCL IPO पर पैसा लगाएं या नहीं
SBI Securities ने निवेशकों को कट-ऑफ प्राइस पर इस इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, 23 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर यह इश्यू पोस्ट-इश्यू कैपिटल के आधार पर 6.4x EV/EBITDA पर वैल्यूएशन पर है।
ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि बीसीसीएल देश में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक है, जिसकी FY25 में घरेलू उत्पादन में 58.5% हिस्सेदारी रही। कंपनी के पास 7.91 अरब टन का अनुमानित कोल रिजर्व और 34 ऑपरेशनल माइंस हैं।
ICICI Direct ने आईपीओ को ‘अनरेटेड’ रखा है। ब्रोकरेज के अनुसार, FY23–FY25 के दौरान कंपनी की बिक्री और मुनाफा क्रमशः 5% और 37% CAGR से बढ़ा है। FY25 में EBITDA मार्जिन 12.7% और ROCE 18.2% रहा।
Anand Rathi ने लिस्टिंग गेन के नजरिए से सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि FY25 की कमाई के आधार पर 8.64x P/E पर वैल्यूएशन वाजिब है और कंपनी का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड इसमें पहले से ही काफी हद तक शामिल है।
BCCL IPO GMP कितना है?
कुकिंग कोल आईपीओ का शेयर ग्रे मार्केट में करीब 50% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद दे रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट ट्रेंड अस्थिर होते हैं और केवल अनलिस्टेड मार्केट की धारणा को दिखाते हैं।
इश्यू का स्ट्रक्चर और डिटेल्स
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसके तहत कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी बेचेगी। 21 से 23 रुपये के प्राइस बैंड में आने वाले इस इश्यू के जरिए कंपनी 46.57 करोड़ शेयर ऑफर कर 1,071 करोड़ रुपये जुटाएगी। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 600 शेयर का रखा गया है, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,800 रुपये का निवेश करना होगा।
इश्यू का अलॉटमेंट
- रिटेल निवेशक: 35%
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 50%
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (NII): 10%
इसके अलावा, 107 करोड़ रुपये के शेयर योग्य कोल इंडिया शेयरधारकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। 1 जनवरी 2026 तक कोल इंडिया के शेयर रखने वाले निवेशक इस कोटे में आवेदन कर सकते हैं। पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 1 रुपये की छूट भी दी जाएगी।
23 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर, बीसीसीएल का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप लगभग 10,711 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। लिस्टिंग के बाद भी कोल इंडिया की हिस्सेदारी 90% रहेगी, जो न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियम से काफी अधिक है।
जोखिम जिन पर नजर जरूरी
ब्रोकरेज हाउस ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है, जिनमें लंबी अवधि में कोल रिजर्व का घटना, टॉप 10 ग्राहकों से 80% से ज्यादा रेवेन्यू की निर्भरता और भविष्य में रिन्यूएबल एनर्जी के बढ़ते उपयोग से कोल की मांग पर असर शामिल है।
कब होगी BCCL IPO की लिस्टिंग
बीसीसीएल देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है और FY25 में घरेलू उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 58.5% रही। कंपनी झारखंड के झरिया कोलफील्ड और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड में अपने ऑपरेशंस चलाती है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर IDBI Capital और ICICI Securities हैं। अलॉटमेंट 14 जनवरी को तय होने की उम्मीद है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग शुक्रवार, 16 जनवरी को होने की संभावना है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।) |