प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, लखनऊ। हाउस टैक्स वसूली में लक्ष्य को पूरा न करने वाले नगर निगम के आठ में सात जोनल अधिकारियों को आगे भी वेतन नहीं मिलेगा। दिसंबर माह की वसूली में ये सात जोन 50 लाख की वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए हैं।
जोन चार ने सत्तर लाख की वसूली की थी, जिसकी जोनल अधिकारी कुमारी शिल्पा को छोड़कर जोनल अधिकारी एक ओमप्रकाश, दो संजय यादव, तीन आकाश कुमार, पांच विनीत सिंह, जोन उस छह अमरजीत यादव, जोन सात रामेश्वर और जोन आठ विकास सिंह हैं।
इसमें आकाश कुमार, रामेश्वर, विनीत सिंह, विकास सिंह पीसीएस अधिकारी हैं, इसलिए उन्हें जोनल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई थी कि वे निकाय सेवा के अधिकारियों से बेहतर काम करेंगे, लेकिन ऐसा न होने पर अब उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
नगर आयुक्त ने बताया कि वसूली का लक्ष्य पूरा न करने पर ही वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है, जो अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगी। नगर आयुक्त ने कहा कि कुछ जोनल अधिकारियों का अपने मातहतों पर अंकुश न होने व पर्यवेक्षण ठीक न होने से ही वसूली प्रभावित दिख रही है। इसलिए जिम्मेदारी तय करते हुए जोनल अधिकारियों का वेतन रोका गया है।
अगर जोनल अधिकारी यह बताएं कि उनके कौन-कौन कर अधीक्षक और राजस्व निरीक्षक वसूली में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे कर अधीक्षकों और राजस्व निरीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा सके। कारण यह है कि चालू वित्तीय वर्ष के खत्म होने में ढ़ाई माह ही बचा है और ऐसे में स्पष्टीकरण मांगने का कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है।
17 राजस्व निरीक्षक गैरहाजिर रहे
वसूली को लेकर फील्ड पर मौजूदगी की जांच की सूचना देने के बाद भी 17 राजस्व निरीक्षक जूम मीटिंग से गायब रहे। इसमें जोन एक में राजेंद्र कुमार, भोला नाथ, जोन दो में पूजा शुक्ला, शुभम यादव, जोन तीन में मोहिज्जब, जोन चार में ओमप्रकाश, राजेश कुमार पांडेय, जोन पांच में रुचि यादव, जोन छह में धर्मेश देव, मो इसरार, रिंका पटेल, संगीता गुप्ता, जोन सात धंनजय विश्वकर्मा, हरीशंकर पांडेय, जोन आठ अनुज गौड़ अवनीश कुमार, हरशेंद्र प्रताप सिंह, सतीश यादव जूम मीटिंग में शामिल न होने से उनकी लोकेशन फील्ड पर नहीं मिल सकी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह व विनय राय ने जूम पर यह जांच की थी।
राजस्व निरीक्षक का वार्ड बदलने पर नाराजगी
जब जोन तीन के राजस्व निरीक्षक विशाल श्रीवास्तव से वसूली के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि दो दिन पहले ही भारतेंदु वार्ड मिला है, इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और वित्तीय वर्ष के अंतिम समय वार्ड बदले जाने के निर्णय पर भी नाराजगी जताई।
किस जोन की कितनी वसूली (दिसंबर)
- जोन एक 25.28 लाख
- जोन दो 12.32 लाख
- जोन तीन 15.68
- जोन चार 70.76 लाख
- जोन पांच 6.88 लाख
- जोन छह 24.28 लाख
- जोन सात 26.44 लाख
- जोन आठ 29.79 लाख
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