प्रतीकात्मक तस्वीर।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। कट्टा-पिस्टल से लेकर देश स्तर पर एके-47 की तस्करी करने वाले कुख्यात संजीव साह की तलाश एक बार फिर तेज कर दी गई है। एके-47 तस्करी के मास्टरमाइंड संजीव साह के ठिकाने और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जिला पुलिस ने गुप्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। मुंगेर पुलिस ने इस बार एक लाख का ईनाम घोषित कर रखा है। गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है और संजीव के साथ-साथ उसके कई करीबियों के मोबाइल नंबरों का काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) निकलवाया जा रहा है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली में दर्ज करा रखा है मुकदमा
संजीव साह मूल रूप से मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आर्दश ग्राम टीकारापुर गांव का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं। पुलिस पुराने केस की फाइलें खंगाल रही है और नए सिरे से साक्ष्य जुटाने में लगी है। सीडीआर के माध्यम से न केवल संजीव की संभावित लोकेशन का पता लगाया जाएगा, बल्कि यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में है और उसका नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है।
मुंगेर पुलिस ने भी रखा है इस पर एक लाख रुपये का ईनाम
जांच का दायरा केवल मुंगेर तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि अन्य राज्यों से जुड़े संभावित लिंक पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार कई जिलों और राज्यों तक फैले हो सकते हैं। जल्द ही यह गिरफ्त में होगा।
घर के जमीन से मिले थे पूर्जे
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में सामने आए एके-47 तस्करी मामले ने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी। इस बहुचर्चित मामले की पटकथा मुंगेर में भी लिखी गई थी, जहां से हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड संजीव साह है, जो लंबे समय से फरार चल रहा है। संजीव साह के खिलाफ दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने भी मामला दर्ज कर रखा है।
एनआइए दो लाख का ईनामी है टीकारापुर निवासी संजीव साह
उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस का दावा है कि यदि सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से ठोस सुराग मिले, तो जल्द ही संजीव साह तक पहुंचा जा सकता है। 2018 में इसके घर की जमीन खोदकर एके-47 और उसके पार्टस बरामद किए गए थे। मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने बताया संजीव साह का पूरा घर श्रीकृष्ण सेतु के निर्माण में चला गया है। इस कारण मुंगेर नहीं आ रहा है, पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापामारी कर रही है।
हथियार तस्करों के पैनलों से मधुर रिश्ते
संजीव साह का राज्य के अलावा झारखंड, दिल्ली, यूपी, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल में सक्रिय हथियार पैनलों के साथ बेहतर संबंध रहा है। इस गलत धंधे उसका नेटवर्क काफी मजबूत है। हथियार की खरीद-परोख्त के काम में कापी रम गया था। संजीव का मुंगेर में दबदबा भी काफी मजबूत रहा है। जिले के थानों में भी इस पर पहले से भी कई केस दर्ज है।
संजीव साह पर माओवादी गतिविधि और एके 47 मामले को लेकर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई चल रही है। पुलिस मिले इनपुट पर काम कर रही है। गिरफ्तारी को लेकर विशेष टीम का गठन किया गया है।
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-सैयद इमरान मसूद, एसपी |
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