संवाद सूत्र, जगतपुर (रायबरेली)। पिछवारा गांव में शुक्रवार को दो वर्षीय मासूम दरवाजे से खेलते समय संदिग्ध परिस्थिति में गायब हो गया था। महिला ने बेटे के अपहरण की आशंका जताई थी। वहीं संदेह के आधार पर पुलिस शनिवार से महिला के घर के पीछे स्थित तालाब से पानी निकलवा रही थी। छह दिन बाद गुरुवार को तालाब का पूरा पानी समाप्त होने पर झाड़ियों के बीच से मासूम का शव बरामद हुआ।
गांव निवासी अंतिमा बेटे अभी व अर्णव के साथ रहती हैं। इनके पति नागेंद्र कुमार जयपुर शहर में ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। शुक्रवार को बड़ा बेटा अभी दरवाजे पर खेल रहा था। थोड़ी देर बाद अंतिमा बाहर निकलीं तो उन्हें बेटा नहीं दिखाई दिया। अंतिमा समेत आस पास के लोगों ने काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन मासूम का कहीं पता नहीं चला।
पुलिस में मामले में गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की तो कुछ ग्रामीणों द्वारा अंतिमा के घर के पीछे स्थित तालाब में बच्चे के डूबने की आशंका जताई गई। संदेह के आधार पर पुलिस ने शनिवार को तालाब का पानी निकालने के लिए चार पंप सेट लगवाए। करीब छह दिनों तक लगातार पंपिंग चलाया गया तो गुरुवार को तालाब में पानी समाप्त हुआ, जिसके बाद झाड़ियाें के बीच मासूम का शव बरामद हुआ।
मासूम का शव मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। लोगों का कहना था कि दरवाजे खेल रहा दो साल का बच्चा आखिर घर के पीछे तालाब तक कैसे पहुंचा। वहीं कुछ ग्रामीण ये चर्चा करते सुनाई दिए कि कहीं किसी ने मासूम की हत्या कर शव तालाब में तो नहीं फेंका। लोगों का कहना था कि पुलिस को इस सभी बिंदुओं पर भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए। थानाध्यक्ष पंकज त्यागी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। |
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