संवादसूत्र, जागरण, अमेठी। बढ़ती आपराधिक घटनाओं और लूट की आशंकाओं को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर गुरुवार दोपहर बाद एक अहम फैसला लिया है। अब सराफा बाजार की दुकानों पर चेहरा पूरी तरह खुला रखने वाले ग्राहक ही प्रवेश कर सकेंगे। हेलमेट, गमछा, दुपट्टा, नकाब या किसी भी तरह से चेहरा ढककर आने वाले लोगों को दुकान के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
व्यवसायियों का कहना है कि बीते कुछ वर्ष में सराफा दुकानों में लूट, चोरी और टप्पे बाजी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अधिकांश मामलों में अपराधी चेहरा ढककर दुकान पर पहुंचते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। सीसी कैमरा में भी स्पष्ट फुटेज नहीं मिल पाती है।
आसानी से बत जाते हैं अपराधी
इससे पुलिस जांच प्रभावित होती है और अपराधी आसानी से बच निकलते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है। सराफा कमेटी के उपाध्यक्ष प्रदीप सोनी उर्फ बनारसी ने बताया कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बदमाश अक्सर खुद को सामान्य ग्राहक बताकर दुकान में घुसते हैं और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।
यह फैसला किसी धर्म या वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है। महिलाओं से भी अनुरोध किया गया है कि आभूषण देखने के दौरान चेहरा खोला रख सहयोग करें। इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए बाजार की अधिकांश दुकानों के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई है। |
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