प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, आरोपित पत्नी गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, सोनीपत: सोनीपत के कामी रोड पर मैरिज पैलेस केयर टेकर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित सरिता ने अपने प्रेमी सतपाल के साथ मिलकर पति रामकिशन उर्फ अजय की हत्या की थी।
सतपाल का पहले से आपराधिक रिकार्ड है। आरोपित की मुलाकात रामकिशन से जेल में हुई थी। इसके बाद वह घर आने जाने लगा। इसी दौरान सतपाल और सरिता में नजदीकी बढ़ गई। रामकिशन को भी उनकी नजदीकियों के बारे में पता था। वह अक्सर विरोध भी करता था।
काफी समय से रामकिशन को रास्ते से हटाना चाहते थे सरिता-सतपाल
सरिता और सतपाल पहले से ही रामकिशन को रास्ते से हटाने की फिराक में थे। फिलहाल पुलिस ने सरिता को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
गोहाना के गांव ककाना भादरी के रामकिशन उर्फ अजय (38) करीब एक साल से कामी रोड स्थित आशीर्वाद गार्डन में पत्नी सरिता और तीन बेटों के साथ रहते थे।
मंगलवार की सुबह उसका शव गार्डन में बने कमरे में मिला था। बच्चे उठ कर कमरे में गए तो शव पड़ा मिला था। मृतक के भाई मेहर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सोमवार की रात को सरिता ने बड़े बेटे के साथ मारपीट भी की थी, जिसके चलते रामकिशन के साथ भी उसका झगड़ा हुआ।
इसके बाद सरिता ने अपने जानकार सतपाल के साथ मिलकर रामकिशन की हत्या की है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। अब थाना सिविल लाइन पुलिस की अनुसंधान टीम में नियुक्त उप निरीक्षक दलजीत ने कार्रवाई कर आरोपित सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। सरिता को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
सतपाल ने तकिए से मुंह दबाया, सरिता ने किए वार:
पूछताछ में सामने आया है कि सतपाल पर पहल से आठ आपराधिक मामले दर्ज है। रामकिशन भी एक केस के सिलसिले में जेल में बंद था। इसी दौरान सतपाल से उसकी दोस्ती हुई।
बाद में सतपाल उनके घर आने लगा। उसकी सरिता से नजदीकी बढ़ गई। रामकिशन को इसकी भनक लगी तो दोनों उसे रास्ते से हटाने के लिए मौके के इंतजार में थे।
सोमवार की रात सरिता ने सतपाल को बुलाया। सतपाल ने सोते वक्त तकिए से उसका मुंह दबाया। सरिता ने प्राइवेट पार्ट पर वार किए।
पति-पत्नी की उम्र में था काफी अंतर, अक्सर होता था झगड़ा
सरिता और उसके पति रामकिशन की उम्र में करीब 10 साल का अंतर था। सरिता मार्डन तरीके से रहती थी। उम्र और सरिता के रहन-सहन के तरीके को लेकर दोनों में झगड़ा भी होता था। सरिता को पति की हत्या का कोई अफसोस और डर नहीं था। हत्या के बाद अगली सुबह वह सामान्य तरीके से उठी। चाय बनाकर सास और बच्चों को दी। इसके बाद दो बच्चों को लेकर गार्डन से निकल गई। |
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