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37 लाख लोगों को बनाया निशाना, 54 की हो गई मौत; आवारा कुत्तों के काटने का पूरा आंकड़ा

cy520520 2026-1-8 19:26:41 views 671
  

37 लाख लोगों को बनाया निशाना 54 की हो गई मौत आवारा कुत्तों के काटने का पूरा आंकड़ा (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों आवारा कुत्तों की समस्या पर सुनवाई चल रही है। इस मामले पर सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारा शामिल है।स्कूलों और अस्पतालों जैसी जगहों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी के मामले को लेकर अदालत स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा कि क्या इन जगहों पर कुत्तों की मौजूदगी होनी चाहिए? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने देशभ में कुत्तों को लेकर चल रहे मामले को अपने यहां मंगवा लिया था, जिस पर एक साथ सुनवाई हो रही है।
सरकार ने लोकसभा में कुत्तों पर क्या जानकारी दी

मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कुत्ता काटने की समस्या को लेकर बीते साल चार फरवरी को लोकसभा में जानकारी दी थी। उन्होंने डीएमके के अरुण नेहरू के सवाल के जवाब में बताया था कि जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक देश के ग्रामीण इलाकों में कुत्ता काटने की कुल 21 लाख 95 हजार 122 घटनाएं दर्ज की गई थी।

उन्होंने बताया था कि देश के ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के काटने से 37 इंसानों की मौत के मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, दूसरे जानवरों के काटने की पांच लाख चार हजार 728 मामले सामने आए थे। इन जानवरों के काटने से 11 लों की मौत होने की जानकारी सरकार ने लोकसभा में दी थी। सरकार ने बताया था कि इस दौरान आवारा कुत्तों ने 15 साल से कम आयु के पांच लाख 19 हजार 704 बच्चों को काटा था।
देशभर में आवारा कुत्तों के काटने के कितने मामले आए?

वहीं प्रेस इनफोर्मेशन ब्यूरो (PIB) की 1 अप्रैल 2025 के एक बयान के मुताबिक, 224 में देश भर में कुत्तों के काटने के कुल 37 लाख 15 हजार 713 मामले दर्ज किए गए थे। इससे पहले 2023 में कुत्तों के काटने के 30 लख 52 हजार 521 मामले देशभर में दर्ज किए गए थे। इस तरह एक साल में देश में कुत्ता काटने के मामलों में 20% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कुत्ता काटने के मामले में देश भर में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। वहां कुत्ता काटने के चार लाख 85 हजार 345 मामले दर्ज किए गए थे। इस मामले में चार लाख 80 हजार 427 मामलों के साथ तमिलनाडु दूसरे नंबर पर था। तीन लाख 92 हजार 837 मामलों के साथ गुजरात तीसरे नंबर पर था। वहीं, लक्षद्वीप देश में एक ऐसी जगह थी, जहां कुत्ता काटने का कोई मामला सामने नहीं आया था।
किस राज्य में होती है कुत्ता काटने के सबसे ज्यादा मौत

देश में रैबीज के संक्रमण से होने वाली मौतों के आंकड़े पर नजर डाले तो 2024 में ऐसी 54 मौतें दर्ज की गई थी। रैबीज संक्रमण से 2023 में 50 मौतें हुई थी और 2022 में केवल 21 मौतें दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा मौतों का आंकड़ा महाराष्ट्र से सामने आया है, जहां 2024 में कुल 14 मौतें दर्ज की गई थी। 6-6 मौतों के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर थे।
आवारा कुत्तों को कैसे नियंत्रत कर रही सरकार?

सरकार ने पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत पशु जन्म नियंत्रण को लेकर नियम बनाए हैं। इसमें आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने, रैबीज को रोकने और मानव-कुत्ता संघर्ष को कम करे के लिए आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण शामिल है।

साल 2030 तक सरकार की कोशिश है कि रैबीज से होने वाली मौतों को शून्य पर लाया जा सके। इसे लेकर, सरकार नेशनल रैबीज कंट्रोल प्रोग्राम चला रही है। साल 2019 की पशु गणना आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुत्तों की आबादी डेढ़ करोड़ से अधिक थी।

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